कानपुर शहर की प्रमुख और सबसे पुरानी औद्योगिक इकाइयों में शामिल आयुध उपष्कर निर्माणी (ओईएफ), जो ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) के अधीन संचालित होती है, ने उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पहली बार इकाई ने 532 करोड़ रुपये का उत्पादन कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस रिकॉर्ड उत्पादन के चलते टीसीएल भी पहली बार मुनाफे में आ गई है, जबकि इससे पहले कंपनी लगातार घाटे में चल रही थी।
निगमीकरण के बाद शुरुआती दौर में ओईएफ को उत्पादन संकट का सामना करना पड़ा था। हालांकि, रक्षा मंत्रालय से बड़े ऑर्डर मिलने के बाद इकाई ने तेजी से रफ्तार पकड़ी। आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां 135 करोड़ का उत्पादन हुआ था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 302 करोड़ और 2025-26 में 532 करोड़ तक पहुंच गया। इस दौरान आर्मी और एयरफोर्स के साथ-साथ सिविलियन उत्पादों का भी बड़े पैमाने पर निर्माण किया गया, जिससे 501 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
टीसीएल के अंतर्गत कुल चार आयुध इकाइयां संचालित होती हैं, जिनमें से अकेले ओईएफ ने 532 करोड़ का उत्पादन किया, जबकि अन्य तीन इकाइयों का कुल उत्पादन 268 करोड़ रहा। इकाई द्वारा 1,91,507 स्लीपिंग बैग, 1,46,030 गद्दे, 2,749 टेंट और लगभग 7,25,000 जोड़ी जूतों का उत्पादन किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 900 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इकाई अब आधुनिक तकनीक की ओर भी तेजी से बढ़ रही है। जूता निर्माण में आत्मनिर्भरता के लिए इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन लगाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही, उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक आधुनिक प्रयोगशाला का निर्माण भी जल्द शुरू होगा। हाल ही में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के साथ समझौता भी किया गया है, जिसके तहत नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए विशेष जूते तैयार किए जाएंगे।
मुख्य महाप्रबंधक डॉ. अनिल रंगा ने बताया कि यह उपलब्धि टीसीएल प्रबंधन के निर्देशन और कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 532.75 करोड़ का उत्पादन लक्ष्य हासिल करना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 230 करोड़ अधिक है। देश की सातों आयुध कंपनियों में टीसीएल ने 58 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है, जो इस सफलता को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।


