कानपुर
फूलबाग सब्जी मंडी में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। इस हादसे में वर्षों की मेहनत, नकदी, गहने और शादी की तैयारियां सब कुछ जलकर राख हो गया। पीड़ितों का दर्द इतना गहरा है कि उनके शब्द सुनकर हर कोई भावुक हो रहा है।
75 वर्षीय रामदुलारी, जिन्होंने अपनी जिंदगी के 40 साल मंडी में बिताए, बिलखते हुए बोलीं कि अरे दादा… अब हम का करिबे… भगवान हमका जीते जी मार डारिन। एहसे अच्छा राहे कि यही आग मा हमहूं मर जातिन। कर्ज लइकर हम बेटन की शादी की तैयारी कर रहि राहन। हमार परिवार सड़क पर आ गवा है। सब्जी बेचकर मेहनत की कमाई से परिवार चलाइत राहेन लेकिन एक झटका मा सब खत्म हुईगा।
इसी तरह दुकानदार नकछेद ने बताया कि 20 अप्रैल को उनकी बेटी लक्ष्मी की शादी है, लेकिन आग ने उनकी पूरी दुकान, नकदी और गृहस्थी का सामान नष्ट कर दिया। कमला नाम की दुकानदार ने बताया कि मकान निर्माण के लिए रखे चार लाख रुपये जल गए, जबकि पप्पू कश्यप की बेटी की शादी भी खतरे में पड़ गई है।
अग्निकांड के दौरान हालात इतने भयावह थे कि सिलिंडर फटने से पूरा इलाका दहल उठा। एक के बाद एक पांच सिलिंडरों में विस्फोट हुआ और करीब दो किलोमीटर तक काला धुआं फैल गया। आग ने देखते ही देखते लगभग 50 मिनट में कई दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास की दुकानों को खाली कराया गया, ताकि आग आगे न फैल सके। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, नहीं तो पास की फैक्टरी तक आग पहुंच सकती थी।
घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि पीड़ित परिवारों को कितना और कब तक मुआवजा मिलता है, ताकि वे फिर से अपने जीवन को पटरी पर ला सकें।


