बोले भजन गायक कन्हैया मित्तल नहीं शांत हुए तो चला जाऊंगा वापस
फर्रुखाबाद। श्री श्याम कृपा सेवा समिति द्वारा आयोजित वार्षिक उत्सव के दूसरे दिन बढ़पुर स्थित मधुर मिलन लॉन में प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल के कार्यक्रम के दौरान जमकर बवाल हो गया। आयोजकों की मनमानी, अव्यवस्थित संचालन और लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण हजारों की संख्या में जुटी भीड़ अनियंत्रित हो गई, जिससे कार्यक्रम पूरी तरह अफरा-तफरी की भेंट चढ़ गया।
निर्धारित समय से देरी बनी बवाल की वजह
बताया गया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं आकर्षण कन्हैया मित्तल थे, जिनके भजनों को सुनने के लिए श्रद्धालु भारी ठंड और घने कोहरे के बावजूद शाम से ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे थे। हालांकि कन्हैया मित्तल के निर्धारित समय से कई घंटे विलंब से पहुंचने के कारण भीड़ का धैर्य टूट गया। सर्दी में ठिठुरती भीड़ के बीच हंगामा शुरू हो गया, जिससे कुर्सियों और अन्य सामान को नुकसान भी पहुंचा।
मंच से दी चेतावनी, लौटे श्रद्धालु
जब कन्हैया मित्तल मंच पर पहुंचे तो उन्होंने श्रद्धालुओं को शांति बनाए रखने की हिदायत दी और कहा कि यदि कार्यक्रम के दौरान अशांति फैली तो वे मंच छोड़कर चले जाएंगे। इस चेतावनी से नाराज होकर बड़ी संख्या में भक्त कार्यक्रम स्थल छोड़कर चले गए, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
कार्यक्रम में तैनात पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालने के बजाय मोबाइल से सेल्फी खींचते नजर आए। पुलिस की निष्क्रियता के कारण स्थिति पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका और अव्यवस्था लगातार बढ़ती चली गई। वहीं प्रशासन द्वारा लागू धारा 63 का भी पालन नहीं कराया गया और हजारों की संख्या में लोगों को एकत्रित कर दिया गया, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
14 वर्षों से होता आ रहा है आयोजन
गौरतलब है कि श्री श्याम कृपा सेवा समिति द्वारा यह आयोजन पिछले 14 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। प्रतिवर्ष यह दो दिवसीय आयोजन होता है, जिसमें पहले दिन खाटू श्याम बाबा की भव्य यात्रा निकाली जाती है और दूसरे दिन प्रसिद्ध भजन गायकों को आमंत्रित कर उत्सव मनाया जाता है। इस बार आयोजन को बड़े स्तर पर मधुर मिलन लॉन में किया गया था, लेकिन अव्यवस्था और लापरवाही के चलते यह कार्यक्रम विवादों में घिर गया।
प्रशासन और आयोजकों की लापरवाही उजागर
कुल मिलाकर, आयोजकों की तैयारी में कमी, समय प्रबंधन की विफलता और सुरक्षा व्यवस्था की लापरवाही के कारण श्रद्धा और भक्ति का यह आयोजन अव्यवस्था में बदल गया। घटना के बाद श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी गई, वहीं प्रशासन और आयोजन समिति की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।




