फर्रुखाबाद। पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर हरीश चंद्र द्वारा पुलिस लाइन स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में जनपद के समस्त थाना प्रभारी, थानाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा करना रहा।
गोष्ठी के दौरान डीआईजी हरीश चंद्र ने कानून-व्यवस्था, मिशन शक्ति अभियान, लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, जनशिकायतों के प्रभावी समाधान, साइबर अपराधों की रोकथाम एवं IGRS पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि लंबित मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
डीआईजी ने मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में नियमित रूप से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं तथा महिला संबंधी अपराधों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने साइबर अपराधों पर बढ़ती घटनाओं को गंभीर बताते हुए विशेष अभियान चलाकर आमजन को जागरूक करने तथा त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जनशिकायतों एवं IGRS पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण में गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण नहीं बल्कि पीड़ित की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
गोष्ठी में पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सहित जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारीगण उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने भी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया कि डीआईजी द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए और जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
बैठक के अंत में डीआईजी हरीश चंद्र ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है और सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी एवं संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।

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