कमालगंज में गूंजे गणपति बप्पा मोरया के जयकारे, मूर्ति आगमन पर रात बनी दीवाली

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कमालगंज| नगर में रविवार रात श्रद्धा और भक्ति का ऐसा ज्वार उमड़ा मानो रात ही सुबह की भोर बन गई हो। विघ्नहर्ता गणपति बप्पा की साढ़े आठ फीट ऊंची मूर्ति जैसे ही कानपुर के बंगाल मूर्ति कला केंद्र से बनकर कमालगंज पहुंची, पूरा नगर भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा।रात के अंधेरे को चीरती आतिशबाजी और फुलझड़ियों की सतरंगी रोशनी ने माहौल को रोशन कर दिया। जगह-जगह से उठे गणपति बप्पा मोरयाऔर देखो-देखो आए हैं कमालगंज के राजा आए हैं जैसे नारे भक्तों के उत्साह को और बढ़ाते रहे। नगर भ्रमण के दौरान गजानन की सवारी जब हनुमान मंदिर के पास पहुंची, तो भक्तों की भीड़ नाचते-गाते उनके स्वागत में झूम उठी।इस बार की विशेषता यह रही कि गणेश मूर्ति को विदेश से सहयोग मिला। केन्या (नैरोबी) में रह रहे प्रवासी भारतीय चिकित्सक डॉ. जैनीश पाठक ने लगातार 16वें वर्ष भी अपनी ओर से विशाल गणपति की मूर्ति भिजवाई। उनके भाई महेंद्र पाठक ने बताया कि नैरोबी में बसे भारतीय भी सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यम से कमालगंज के गणेश महोत्सव की भव्यता के साक्षी बनते हैं।तपस्वी वाले बाग तक गणपति स्वागत यात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्ति और आस्था से सराबोर युवा, किशोर और महिलाएं गणपति के भजनों पर थिरकते नजर आए। मानो पूरा कमालगंज विघ्नहर्ता के स्वागत में एकजुट हो गया हो।यात्रा में समिति अध्यक्ष अमित गुप्ता, महामंत्री गौरव गुप्ता, संरक्षक नरेश चंद्र, प्रतीक हलवाई, सोनू कश्यप समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

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