शमशाबाद (फर्रुखाबाद): चीनी मिल कायमगंज (Kaimganj sugar mill) में गन्ना (sugarcane) तौल के नाम पर किसानों से खुलेआम लूट किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। गन्ना किसानों की शिकायत पर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक गुट) के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों को घटतौली से नहीं बचाया गया, तो किसान मजबूरन चीनी मिल कायमगंज का घेराव करेंगे।
किसानों का आरोप है कि जब से चीनी मिल में नए महाप्रबंधक (जीएम) ने चार्ज संभाला है, तभी से घटतौली का खेल लगातार जारी है। गन्ना किसानों के अनुसार तौल के दौरान जानबूझकर वजन कम दिखाया जा रहा है, जिससे किसानों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस घटतौली का प्रत्यक्ष उदाहरण उस समय सामने आया जब शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम खुड़ना खार निवासी गन्ना किसान दादा गंगवार पुत्र रामेंद्र सिंह ट्रैक्टर-ट्रॉली में गन्ना लादकर चीनी मिल कायमगंज पहुंचे।
किसान को पहले से ही तौल में गड़बड़ी का शक था, जिस पर उन्होंने कस्बे के एक धर्मकांटे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली का वजन कराया। इसके बाद जब वही ट्रॉली चीनी मिल कायमगंज पहुंची, तो वहां किए गए वजन में करीब चार कुंतल कम पाया गया। इससे किसान आक्रोशित हो उठा। किसान का आरोप है कि यह खेल पिछले कई दिनों से चल रहा था और इस घटतौली के माध्यम से किसानों को हजारों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। जब इस पूरे प्रकरण की जानकारी भाकियू (अराजनैतिक) के प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत को दी गई, तो उन्होंने शमशाबाद स्थित कार्यालय में एक बैठक आयोजित कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
प्रदेश अध्यक्ष ने संबंधित गन्ना अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराते हुए जिलाधिकारी फर्रुखाबाद से शिकायत की। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद जिला गन्ना अधिकारी एवं चीनी मिल के जीएम ने सक्रियता दिखाते हुए धर्मकांटे की जांच कराई, जिसमें घटतौली की पुष्टि हुई है। प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत ने चेतावनी देते हुए कहा कि चीनी मिल कायमगंज में यदि घटतौली का खेल जारी रहा, तो इसकी गहन जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व जीएम के कार्यकाल में तौल व्यवस्था सुचारु थी, लेकिन नए जीएम के कार्यभार संभालते ही स्थिति बिगड़ गई है। प्रदेश अध्यक्ष ने जिलाधिकारी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर गन्ना किसानों के साथ हो रही खुली लूट को तत्काल बंद कराया जाए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राम बहादुर राजपूत के साथ-साथ जगदीश चंद्र राजपूत, सुआलाल, नन्हेलाल, रामबरन यादव, रामवीर सिंह, नितिन कुमार, उदयवीर सिंह, बबलू, सुशील कुमार, बलवंत सिंह, दुर्गेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान कार्यकर्ता मौजूद रहे।


