फतेहपुर
शनिवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय में प्रख्यात समाज सुधारक ज्योतिराव गोविंदराव फुले की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके जीवन एवं कार्यों पर गोष्ठी का आयोजन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने की। उन्होंने महात्मा फुले को सामाजिक भेदभाव और जाति प्रथा के प्रबल विरोधी बताते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता और शिक्षा के प्रसार के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। यादव ने बताया कि फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर वर्ष 1848 में लड़कियों के लिए पहला स्कूल स्थापित किया, जिसके कारण सावित्रीबाई फुले को भारत की पहली महिला शिक्षिका के रूप में जाना जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि महात्मा फुले का मुख्य उद्देश्य समाज से जातिगत भेदभाव को समाप्त कर समानता स्थापित करना था। उन्होंने बाल विवाह, सती प्रथा और छुआछूत जैसी कुरीतियों का सदैव विरोध किया तथा विधवा विवाह का समर्थन किया। साथ ही अनाथ बच्चों के लिए आश्रय स्थल खोलने जैसे सामाजिक सुधार कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जिला अध्यक्ष ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि आज के समय में फुले के विचारों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है और समाज में समानता स्थापित करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने राजनीतिक संदर्भ में कहा कि पीडीए की सरकार बनाकर फुले के सपनों को साकार करने की दिशा में काम किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव चौधरी मंज़र यार ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें रामतीरथ परमहंस, संतोष यादव, शमीम अहमद, परवेज़ आलम, डॉ. रामनरेश पटेल, इंदल सिंह, हीरालाल साहू, सुहैल खान, नरेंद्र प्रजापति, संगीता राज पासवान, डॉ. अमित पाल, एडव. संदीप माली, आशीष नामदेव, राज बाबू यादव, इंद्रसेन, सत्यप्रकाश यादव, नीरज यादव, जय प्रकाश, चंदन सिंह, शैलेन्द्र मिश्रा, धीरेन्द्र कुमार, राम खेलावन वर्मा, दीपशा और प्रवीण कुमार सहित कई लोग शामिल हुए।


