लखनऊ| मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना के ज्येष्ठ उपप्रमुख अजीत सिंह की लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र में ताबड़तोड़ गोलियां मारकर की गई सनसनीखेज हत्या के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।
एमपी–एमएलए कोर्ट में इस प्रकरण के वादी और घटना में गंभीर रूप से घायल मोहर सिंह की गवाही पूरी हो गई। विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने अब अगली तारीख 15 दिसंबर तय करते हुए अन्य गवाहों की गवाही दर्ज करने का आदेश दिया है।
घटना के वादी मोहर सिंह सोमवार को कोर्ट में हाजिर हुए, जहां बचाव पक्ष ने उनसे लंबी और विस्तृत जिरह की। जिरह के दौरान कई बार धनंजय सिंह का नाम उठाया गया और उनसे कथित संलिप्तता से जुड़े सवाल पूछे गए।
गौरतलब है कि 6 जनवरी 2021 को विभूतिखंड क्षेत्र में अजीत सिंह की 25 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनके साथ मौजूद मोहर सिंह गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसी आधार पर मोहर सिंह ने विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
विवेचना में नाम सामने आने के बाद पूर्व सांसद धनंजय सिंह की भूमिका की जांच की गई थी। बाद में पूरा मामला एसटीएफ को सौंपा गया। एसटीएफ ने अपनी जांच में धनंजय सिंह को हत्या और साजिश रचने के आरोपों में क्लीन चिट दे दी।
हालांकि, एसटीएफ ने उनके खिलाफ आरोपी को बचाने और घटना की जानकारी छिपाने से जुड़े आरोपों में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। वहीं, अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
अब अदालत में इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी, जिसमें अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
इस केस में लगातार नए मोड़ आते रहे हैं और प्रदेश में राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला समय-समय पर चर्चा का विषय बनता रहा है।






