– अखबार बांटकर परिवार पालने वाले राजीव गिहार की मौत से जलालाबाद में शोक की लहर
जलालाबाद (शाहजहांपुर): जनपद शाहजहांपुर (Shahjahanpur) के जलालाबाद क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब फर्रुखाबाद थाना क्षेत्र के गांव मझना मार्ग स्थित बघार पुल के पास खेत में एक युवक का शव (young man’s dead body) पड़ा मिला। खेतों की ओर गए ग्रामीणों की नजर जैसे ही शव पर पड़ी, पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई।
मृतक की पहचान राजीव गिहार (39 वर्ष) पुत्र धर्मपाल सिंह गिहार, निवासी मोहल्ला नौसारा, थाना जलालाबाद के रूप में हुई। राजीव वर्षों से अखबार वितरण का कार्य कर अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। शव की जेब में मिले पर्स व दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान हुई। घटनास्थल के पास मझना पुल के नीचे उनकी बाइक लावारिस हालत में पड़ी मिली, जिससे मौत को लेकर रहस्य और गहरा गया।
सूचना मिलने पर एसआई रामसिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कांस्टेबल हर्षित चौहान, अनिल शर्मा व कमल गंगवार ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की और पोस्टमार्टम हेतु सीएचसी नवाबगंज भिजवाया।
मंगलवार रात से थे लापता
परिजनों के अनुसार, राजीव मंगलवार को नवाबगंज बाईपास स्थित अपने मित्र छोटे लल्ला के ढाबे के उद्घाटन समारोह में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद रात करीब 8 बजे बाइक से घर के लिए निकले, लेकिन देर रात तक वापस नहीं पहुंचे। मोबाइल फोन बंद मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। रात करीब 12 बजे परिजन कार से उनकी तलाश में निकले, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
शव देख परिजनों में मचा कोहराम
बुधवार सुबह खेत में शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, वे बदहवास हालत में सीएचसी नवाबगंज पहुंचे। शव देखते ही पत्नी पंखी देवी और पुत्र आर्यन फूट-फूटकर रो पड़े। मां-बेटे का करूण क्रंदन देख अस्पताल परिसर में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। पूरा परिसर शोक में डूब गया।
राजीव अपने पीछे पत्नी पंखी देवी, पुत्री गुनगुन (18 वर्ष) और चार पुत्र— आर्यन (16), सूर्यांश (13), शिवांश (8) व तनिष (5) को छोड़ गए हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी राजीव के कंधों पर थी, जो अब अचानक टूट गई।
परिजनों के लिए यह दूसरा बड़ा आघात है। लगभग चार माह पूर्व अखबार विक्रेता धर्मपाल के छोटे पुत्र शिवा की बीमारी से मौत हो चुकी थी। परिवार उस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि अब एक और जवान बेटे की असमय मौत ने सब कुछ बिखेर कर रख दिया।


