35 C
Lucknow
Wednesday, April 1, 2026

पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर हुई ‘जिरगा’ की पहल: तत्काल युद्धविराम और बातचीत से समाधान की अपील

Must read

 

पेशावर। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। दोनों देशों के नेताओं और समुदाय प्रतिनिधियों की संयुक्त ‘जिरगा’ बैठक में तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया गया।

पेशावर में आयोजित इस ‘जिरगा’ में दोनों देशों के पूर्व राज्यपाल, राजनीतिक नेता, पूर्व कूटनीतिज्ञ, आदिवासी बुजुर्ग, बुद्धिजीवी और धार्मिक विद्वान शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के उपायों पर सहमति बनाना था।

‘जिरगा’, जो कि पारंपरिक रूप से अफगानिस्तान और पाकिस्तान में विवाद सुलझाने की एक सामुदायिक व्यवस्था है, सर्वसम्मति के आधार पर फैसले लेने के लिए जानी जाती है। इस बैठक में भी सभी पक्षों ने एकमत होकर शांति की जरूरत पर जोर दिया।

बैठक के समापन पर जारी बयान में कहा गया कि दोनों देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी जमीन का इस्तेमाल एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी प्रकार की शत्रुतापूर्ण गतिविधियों के लिए न हो।

जिरगा ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति, संगठन या समूह को सीमा पार हमलों या हिंसा के लिए किसी भी देश की भूमि का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

प्रतिभागियों ने दोनों सरकारों से आग्रह किया कि वे शांति बनाए रखने के लिए पहले से हुए समझौतों और सहमतियों को सख्ती से लागू करें। इसके लिए राज्य की पूरी क्षमता का उपयोग करने की जरूरत बताई गई।

जिरगा ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में सैन्य टकराव से किसी भी पक्ष को फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ेगी।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सभी विवादों और मतभेदों का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है।

प्रतिभागियों ने कूटनीतिक प्रयासों को ही एकमात्र व्यवहार्य विकल्प बताते हुए दोनों देशों से संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपील की।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिरगा जैसे पारंपरिक मंचों की पहल से जमीनी स्तर पर भरोसा बहाल करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि इस तरह की अपीलों का वास्तविक असर तभी दिखेगा, जब दोनों देशों की सरकारें इसे गंभीरता से लागू करें।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच यह पहल एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जो शांति की दिशा में नई उम्मीद जगा सकती है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article