लखनऊ। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण विकास को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्रस्तावित ‘जी राम जी’ योजना, केंद्र सरकार की मनरेगा योजना से कहीं अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी सिद्ध होगी। यह योजना न केवल रोजगार उपलब्ध कराएगी, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ अस्थायी रोजगार देना नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी विकास और मजबूत आर्थिक आधार तैयार करना है। इसी सोच के तहत जी राम जी योजना को व्यापक स्वरूप में लागू किया जा रहा है।
125 दिन के रोजगार की गारंटी
अपने संबोधन में सुरेश खन्ना ने स्पष्ट किया कि जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण श्रमिकों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह अवधि मनरेगा की तुलना में अधिक होगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में बढ़ोतरी होगी और पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत रोजगार के साथ-साथ स्थानीय संसाधनों का उपयोग, ग्राम स्तरीय निर्माण कार्य, जल संरक्षण, सड़क, नाली, पंचायत भवन और अन्य विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि जी राम जी योजना को 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि जब तक गांव मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश का समग्र विकास संभव नहीं है। इसीलिए सरकार की प्राथमिकता गांव, गरीब, किसान और मजदूर हैं।
उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विज़न को जमीनी स्तर पर साकार करेगी।
गांवों में होगा समग्र विकास
सुरेश खन्ना ने कहा कि जी राम जी योजना से गांवों में आधारभूत ढांचे का विकास होगा,ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा,
किसानों और मजदूरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी,पलायन पर नियंत्रण लगेगा।उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगी और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगी।

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