लखनऊ| आयोजित यूपी फार्मा कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा नीति को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट बयान दिया। अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी मजबूती के साथ लागू किया गया है और अपराधियों से निपटने के लिए सख्ती जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए। जो जिस भाषा में समझे, उसे उसी भाषा में समझाना पड़ता है।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरत रही है।
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले प्रदेश में अपहरण उद्योग फल-फूल रहा था और व्यापारियों से गुंडा टैक्स वसूला जाता था। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग असुरक्षित महसूस करता था, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश में हालात ऐसे हैं कि कहीं दंगे नहीं होते, और कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था के कारण ही आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है और फार्मा सेक्टर समेत अन्य उद्योग तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
यूपी फार्मा कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सुरक्षित माहौल, पारदर्शी नीतियां और त्वरित निर्णय ही विकास की असली बुनियाद हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग देगी, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जहां समर्थक इसे मजबूत कानून-व्यवस्था का प्रतीक बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दे सकता है। फिलहाल, सीएम योगी का यह बयान यूपी की राजनीति और सुरक्षा नीति पर नई बहस छेड़ता नजर आ रहा है।






