नई दिल्ली: वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के अवसर पर लोकसभा और राज्यसभा में हुई बहस के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। पार्टी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी टीम इस महत्वपूर्ण चर्चा में पूरी तरह बेनकाब और गलत साबित हुई।

कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जय राम रमेश ने बताया कि सदन में वंदे मातरम पर तीन दिन तक बहस हुई, जिसमें राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और उनकी टीम ने दो प्रमुख इतिहासकारों द्वारा लिखी गई किताबें – रुद्रांगसु मुखर्जी की ‘भारत का गीत: राष्ट्रगान का एक अध्ययन’ और सब्यसाची भट्टाचार्य की ‘वंदे मातरम’ – पढ़ी ही नहीं हैं।

रमेश ने कहा कि इतना उम्मीद करना ही बेकार है कि सरकार अपने झूठों के बेनकाब होने के बाद इन्हें पढ़ेगी। उन्होंने पहले इतिहासकार सुगता बोस के हवाले से बताया कि 1937 में रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर ही कांग्रेस पार्टी ने तय किया था कि राष्ट्रीय सभाओं में केवल वंदे मातरम् का पहला भाग ही गाया जाएगा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि ये तथ्य मोदी सरकार की झूठी दलीलों को उजागर करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सदन में बहस का उद्देश्य पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और स्वतंत्रता सेनानियों जैसे रवींद्रनाथ टैगोर का अपमान करना था।

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