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Thursday, February 26, 2026

विश्व हिंदी सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे जवाहर सिंह गंगवार

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– साहित्यकारों और यश भारती डॉ रामकृष्ण राजपूत ने उनके आवास पर पहुंच किया उनका सपत्नीक सम्मान

फर्रुखाबाद: हिंदी को विश्व भाषा के रूप में स्थापित करने तथा हिंदी शिक्षण में नवाचार को समर्पित दो दिवसीय वैश्विक हिंदी सम्मेलन (World Hindi Conference) का आयोजन 8 से 14 जनवरी तक विश्व हिन्दी सचिवालय, फीनिक्स (मॉरीशस) में किया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय आयोजन विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में जनपद के सुप्रसिद्ध अधिवक्ता एवं साहित्यकार जवाहर सिंह गंगवार (Jawahar Singh Gangwar) भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। सम्मेलन के दौरान वह “हिंदी : राजभाषा से विश्व भाषा तक” विषय पर अपने शोधालेख का पाठ प्रस्तुत करेंगे।

यह आयोजन हिंदी प्रचारिणी सभा, मॉरीशस, शिक्षा एवं मानव संसाधन मंत्रालय, मॉरीशस तथा भारतीय उच्चायोग, मॉरीशस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में भारत, मॉरीशस, सिंगापुर, नीदरलैंड, आयरलैंड, कतर, जापान सहित कई देशों के प्रतिष्ठित हिंदी विद्वान, शोधकर्ता एवं शिक्षाविद प्रतिभाग करेंगे। संगोष्ठी के दौरान हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय संस्कृति के वैश्विक स्वरूप पर विचार-मंथन किया जाएगा। कार्यक्रम में शोध-पत्र वाचन, साहित्यिक संवाद, विचार-विमर्श तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी।

सम्मेलन के दौरान जवाहर सिंह गंगवार को “विश्व हिंदी सेतु सम्मान” से अलंकृत किया जाएगा। उनके चयन से न केवल हिंदी जगत गौरवान्वित हुआ है, बल्कि फर्रुखाबाद जनपद का मान-सम्मान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा है। इसी क्रम में रविवार को जेएनवी रोड स्थित श्री गंगवार के निज निवास पर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यश भारती डॉ. रामकृष्ण राजपूत, सहित अनेक विद्वानजनों एवं साहित्यकारों ने जवाहर सिंह गंगवार एवं उनकी धर्मपत्नी को सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। उपस्थित विद्वानों ने इसे फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि पूरे हिंदी समाज के लिए गौरव का क्षण बताया और उनके अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयन को हिंदी भाषा की शक्ति और स्वीकार्यता का प्रतीक बताया।

उल्लेखनीय है कि श्री गंगवार लंबे समय से हिंदी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संवर्धन के लिए निरंतर सक्रिय हैं। वे प्रबोधिका, अभिव्यंजना जैसी संस्थाओं के माध्यम से हिंदी के उन्नयन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इससे पूर्व उन्हें मिस्र, दुबई, भूटान एवं इंडोनेशिया में भी उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें “कन्नौजी शब्द कोश” विशेष रूप से चर्चित रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी सहभागिता से जहां हिंदी भाषा के वैश्विक विस्तार को बल मिलेगा, वहीं फर्रुखाबाद जनपद को भी विश्व पटल पर नई पहचान प्राप्त होगी। श्री गंगवार की इस उपलब्धि पर स्थानीय साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों और हिंदी प्रेमियों में हर्ष और गर्व का वातावरण है।

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