फर्रुखाबाद। मॉरीशस में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व कर स्वदेश लौटे वरिष्ठ अधिवक्ता एवं साहित्यकार जवाहर सिंह गंगवार का फतेहगढ़ स्थित समाजसेवी यूनुस अंसारी के आवास पर भव्य अभिनंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय पसमांदा मुस्लिम समाज की ओर से किया गया, जिसमें साहित्य, विधि और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता काजिम हुसैन फंगस ने की, जबकि संचालन रिजवान अहमद ताज ने किया।
“दीदावर व्यक्तित्व हैं जवाहर सिंह गंगवार”
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता मजहर मोहम्मद खान ने कहा—
“हजारों साल नर्गिस अपनी बेनूरी पर रोती है,
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदावर पैदा।”
उन्होंने कहा कि जवाहर सिंह गंगवार ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने वकालत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और साथ ही हिंदी साहित्य की सेवा को देश की सीमाओं से बाहर तक पहुंचाया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
कार्यक्रम में बोलते हुए नेता नीरज प्रताप शाक्य ने कहा कि जवाहर सिंह गंगवार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर हिंदी का प्रतिनिधित्व कर देश और जनपद का गौरव बढ़ाया है। ऐसे साहित्यकार अभिनंदन के सच्चे पात्र हैं।
समाजसेवी यूनुस अंसारी ने कहा कि जवाहर सिंह गंगवार दीर्घायु हों और इसी प्रकार हिंदी भाषा की सेवा करते रहें, यही समाज की ओर से शुभकामनाएं हैं।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर अहमद, मोहसिन समसी, शिव प्रताप सिंह, हाजी अलाउद्दीन, राकेश सागर, तारिक बशीर, जुम्मन, इरशाद अली, समीम खान, हनीफा सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन हिंदी भाषा, साहित्य और सामाजिक सौहार्द के प्रति प्रतिबद्धता के संकल्प के साथ हुआ।





