चरखारी से उठा स्वर, सोशल मीडिया पर पूरे देश में छाए बृजभूषण सिंह राजपूत
चरखारी / महोबा। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बीते शुक्रवार को एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने चरखारी से लेकर राजधानी और सोशल मीडिया तक हलचल पैदा कर दी। महोबा जनपद की चरखारी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी के विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत रातों-रात राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए।
वरिष्ठ नेता गंगा चरण सिंह के पुत्र और दूसरी बार विधायक बने बृजभूषण सिंह राजपूत ने अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को जन समस्याओं को लेकर घेराव कर दिया। इस दौरान करीब 40 गाड़ियों का विशाल काफिला सड़कों पर दिखाई दिया, जिसने पूरे घटनाक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
सोशल मीडिया पर छाए, देशभर में हुई चर्चा
घेराव की तस्वीरें और वीडियो देर रात जैसे ही सोशल मीडिया पर पहुंचे, वैसे ही बृजभूषण सिंह राजपूत का नाम ट्रेंड करने लगा। देखते ही देखते यह मामला केवल महोबा या बुंदेलखंड तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में राजनीतिक बहस का विषय बन गया। समर्थकों ने उन्हें “जनता की आवाज़ उठाने वाला नेता” बताते हुए जमकर सराहा।
जयकारों और सम्मान का दौर
घटना के बाद चरखारी और आसपास के इलाकों में जयकारों का दौर शुरू हो गया। जगह-जगह समर्थकों द्वारा उन्हें विशेष अलंकरण और सम्मान दिए जा रहे हैं। खासकर लोधी समाज में इस घटनाक्रम को लेकर खुशी की लहर देखी जा रही है। समाज के लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद किसी जनप्रतिनिधि ने खुले तौर पर जनता के मुद्दों को लेकर इतना मुखर रुख अपनाया है।
मंत्री की सक्रियता पर भी उठे सवाल
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में यह भी चर्चा में रहा कि संबंधित मंत्री की ओर से सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिखाई दी। राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि शायद इसका कारण अपने ही लोगों से दूरी बनाए जाना हो सकता है। यही वजह है कि विधायक का यह कदम और अधिक सुर्खियों में आ गया।
बुंदेलखंड की राजनीति में नया संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बृजभूषण सिंह राजपूत का यह आक्रामक और जनपक्षधर रुख बुंदेलखंड की राजनीति में नया संदेश दे रहा है। इससे न सिर्फ स्थानीय स्तर पर उनकी लोकप्रियता बढ़ी है, बल्कि पार्टी के भीतर भी उनकी पहचान एक मजबूत और मुखर नेता के रूप में उभरकर सामने आई है।
चरखारी विधायक बृजभूषण सिंह राजपूत का यह कदम साबित करता है कि जब कोई जनप्रतिनिधि सत्ता से ज्यादा जनता को प्राथमिकता देता है, तो वह रातों-रात सियासी हीरो बन सकता है। फिलहाल चरखारी से उठा यह स्वर पूरे प्रदेश की राजनीति में गूंजता नजर आ रहा है।






