– 8 लोगों को रौंदा था, एक की मौत — लखनऊ के अस्पताल से पुलिस ने दबोचा, रिमांड पर होगी पूछताछ
लखनऊ/प्रयागराज। प्रयागराज में हाईवे पर जगुआर कार से 8 लोगों को कुचलने वाला आरोपी रचित मध्यान आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। रचित प्रसिद्ध मिठाई दुकान कामधेनु स्वीट्स के मालिक का बेटा है। पुलिस ने उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल से गिरफ्तार किया, जहां वह पिछले कुछ दिनों से इलाज के बहाने छिपा हुआ था।
घटना के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज अभी भी चल रहा है। इस हादसे ने प्रयागराज समेत पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर फैला दी थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद रचित फरार हो गया था और लखनऊ में एक निजी अस्पताल में भर्ती होकर खुद को बीमार बताने की कोशिश कर रहा था। प्रयागराज पुलिस ने उसके मोबाइल लोकेशन और नेटवर्क की ट्रैकिंग से उसकी मौजूदगी का पता लगाया। मंगलवार सुबह पुलिस ने लखनऊ पहुंचकर गुप्त रूप से घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को प्रयागराज लाने के बाद अदालत में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेज दिया है। पुलिस अब अदालत से अनुमति लेकर रचित को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हादसे की रात रचित नशे की हालत में कार चला रहा था, और उसने सड़क किनारे खड़े लोगों को तेज रफ्तार में कुचल दिया था। मौके पर भगदड़ मच गई थी, जबकि आरोपी कार समेत फरार हो गया था।
एसएसपी प्रयागराज ने बताया कि हादसे में प्रयागराज निवासी श्यामलाल की मौत हुई थी, जबकि घायल चार अन्य लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वाहन के टायर मार्क्स और घटनास्थल से बरामद कार के हिस्से के आधार पर आरोपी की पहचान की थी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि रचित को फरार रहने में किसने मदद की, और क्या उसके पिता या परिवार के अन्य सदस्य उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे।
एडीजी जोन प्रयागराज ने कहा, “यह एक गंभीर अपराध है, और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। उसे जल्द ही रिमांड पर लेकर हादसे के पीछे की पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।”
स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने रचित की गिरफ्तारी पर राहत की सांस ली है, लेकिन उन्होंने मांग की है कि इस मामले को ‘हाई-प्रोफाइल अपराध’ समझकर दबाया न जाए, और दोषी को कड़ी सजा दी जाए।


