फर्रुखाबाद। त्योहारी दिनों के बीच शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। बुधवार को शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। खास तौर से ठंडी सड़क, लाल दरवाजा, आईटीआई चौराहा और चौक जैसे व्यस्त इलाकों में बार-बार जाम लगने से वाहन चालकों के सब्र का इम्तिहान होता रहा।
त्योहार के चलते बाजारों में बढ़ी भीड़ और वाहनों की अधिक आवाजाही के कारण यातायात का दबाव अचानक बढ़ गया, लेकिन उसके अनुरूप कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई। नतीजा यह रहा कि कुछ ही मिनटों में सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया, चारपहिया और ई-रिक्शा सभी जाम में फंसे रहे, जिससे राहगीरों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी समय लग गया।
जाम लगने का एक बड़ा कारण बिना मार्ग चौड़ा किए ही लाल-हरी ट्रैफिक लाइटें लगाए जाने को भी माना जा रहा है। कई चौराहों पर सड़क की चौड़ाई सीमित है, लेकिन वहां सिग्नल व्यवस्था लागू कर दी गई है। इससे वाहन एक साथ रुक जाते हैं और आगे निकलने के लिए जगह नहीं मिल पाती, परिणामस्वरूप थोड़ी सी भी भीड़ में जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले सड़कों का चौड़ीकरण किया जाता और फिर ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाते, तो हालात इतने खराब नहीं होते।
जाम के कारण स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग, मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग भी परेशान होते रहे। कई स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी न होने से स्थिति और बिगड़ती चली गई। लोग खुद ही रास्ता निकालने की कोशिश करते रहे, जिससे अव्यवस्था और बढ़ गई।
शहरवासियों का कहना है कि यदि त्योहारी भीड़ को देखते हुए पहले से ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाता और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाता, तो जाम की समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता था। फिलहाल बुधवार को पूरे दिन शहर में रुक-रुक कर जाम की स्थिति बनी रही और आमजन को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।



