इटावा। जनपद इटावा में नकली यूरिया (डीईएफ) के बड़े गोरखधंधे का पुलिस ने खुलासा किया है। टाटा मोटर्स के नाम पर बाजार में सप्लाई किए जाने वाले नकली DEF (Diesel Exhaust Fluid) को लेकर पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में करीब 10 लाख रुपये कीमत का नकली DEF (यूरिया) बरामद किया गया है।
BS-6 वाहनों के लिए बन रहा था फर्जी फ्यूइड
जांच में सामने आया है कि आरोपी BS-6 मानक वाले डीजल वाहनों में इस्तेमाल होने वाला DEF तैयार कर रहे थे। यह फ्यूइड वाहन के प्रदूषण नियंत्रण सिस्टम के लिए बेहद अहम होता है, लेकिन नकली DEF के इस्तेमाल से वाहन इंजन और पर्यावरण दोनों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
टाटा कंपनी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला तब सामने आया जब टाटा कंपनी की ओर से नकली उत्पाद की शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने इकदिल क्षेत्र में संदिग्ध गोदामों पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान मौके से—टाटा ब्रांड के नकली स्टीकर,DEF भरने की बाल्टियां और टैंक,
फ्यूइड तैयार करने के मशीनरी व उपकरण,
बड़ी मात्रा में तैयार नकली DEF
बरामद किए गए।
पुलिस और एसओजी ने मौके से दो आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनसे पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नकली DEF आसपास के जिलों में भी सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस को शक है कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
कॉपीराइट एक्ट में मुकदमा दर्ज
मामले में आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल ब्रांड की नकल का मामला नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ा गंभीर अपराध है।
पुलिस का कहना है कि नकली ऑटोमोबाइल उत्पादों का कारोबार करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली DEF किन-किन जिलों तक पहुंचाया गया।
इटावा में हुई यह कार्रवाई न सिर्फ नकली कारोबारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम वाहन मालिकों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश देती है कि सस्ता DEF कहीं भारी नुकसान न पहुंचा दे।





