विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित किसान दिवस कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की शिकायतों का त्वरित और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीडीओ ने सभी किसानों के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य बताते हुए कहा कि इससे पीएम किसान सम्मान निधि, बीज-खाद अनुदान और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। उन्होंने प्रगतिशील किसानों और किसान यूनियन पदाधिकारियों से अपील की कि होली के अवसर पर गांव आने वाले प्रवासी किसानों की भी रजिस्ट्री कराने में सहयोग करें, ताकि योजनाओं का लाभ सही पात्रों तक पहुंचे।
गंभीर बीमारियों के निःशुल्क उपचार के लिए किसानों से आयुष्मान कार्ड बनवाने की भी अपील की गई। सीडीओ ने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, अंत्योदय कार्ड धारकों और वर्ष 2011 की पात्रता सूची में शामिल व्यक्तियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। किसान प्रतिदिन सुबह 10 से 12 बजे तक जिलाधिकारी के जनता दर्शन कार्यक्रम या सीएमओ कार्यालय में मौजूद तकनीकी टीम से संपर्क कर कार्ड बनवा सकते हैं।
बैठक में बिजली विभाग को समय पर बिल भुगतान सुनिश्चित कराने तथा सिंचाई विभाग को रबी फसलों के लिए नहरों के टेल तक पानी पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि सिंचाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई किसानों के हितों के विपरीत होगी।
उप कृषि निदेशक सतीश कुमार पांडे ने बढ़ते तापमान को देखते हुए गेहूं की फसल में हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि जनपद को मूंग और उड़द की पांच हजार निःशुल्क मिनीकिट तथा मूंगफली प्रदर्शन के लिए 1700 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है, जिसकी ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने किसानों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।


