34 C
Lucknow
Tuesday, March 17, 2026

इस्राइली हमले में ईरान के सुरक्षा प्रमुख लारीजानी की मौत का दावा, पश्चिम एशिया में तनाव और गहराया

Must read

तेहरान
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है और हालात दिन-ब-दिन और गंभीर होते जा रहे हैं। इसी बीच इज़राइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने दावा किया है कि उसने ईरान के शीर्ष नेताओं में शामिल अली लारीजानी को निशाना बनाते हुए एक बड़ा हमला किया है, जिसमें उनकी मौत हो गई है।

इस्राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि यह हमला बेहद सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया था। उनके मुताबिक यह ऑपरेशन ईरान की सुरक्षा संरचना को कमजोर करने की रणनीति का हिस्सा था।

आईडीएफ के अनुसार, यह हमला ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रहे अली लारीजानी को लक्ष्य बनाकर किया गया था। लारीजानी को ईरान के सत्ता ढांचे में बेहद प्रभावशाली नेता माना जाता था और वह लंबे समय से देश की रणनीतिक नीतियों में अहम भूमिका निभाते रहे थे।

बताया जा रहा है कि लारीजानी, ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के करीबी सहयोगियों में शामिल थे। खामेनेई के बाद शासन व्यवस्था में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, जिससे उनका प्रभाव लगातार बढ़ रहा था।

इसी हमले में इस्राइली सेना ने गुलामरेजा सुलेमानी के मारे जाने का भी दावा किया है, जो ईरान की बासिज फोर्स के कमांडर थे। सेना के मुताबिक उन्हें एक अस्थायी टेंट कैंप में निशाना बनाया गया, जहां वे अपने सहयोगियों के साथ मौजूद थे।

आईडीएफ का कहना है कि इस हमले में बासिज फोर्स के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए हैं। बासिज फोर्स को ईरान में विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने के लिए जाना जाता है और उस पर मानवाधिकार उल्लंघन के कई आरोप भी लगते रहे हैं।

इसके अलावा इस्राइल ने फिलिस्तीनी आतंकी संगठनों के खिलाफ भी अपनी कार्रवाई जारी रखी है। सेना ने दावा किया कि उसने अकरम अल-अजौरी को भी निशाना बनाया है, जो फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद का एक बड़ा नेता माना जाता है। हालांकि उसकी मौत की पुष्टि अभी पूरी तरह से नहीं हो पाई है।

इस्राइली सेना के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने इस पूरे ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से कई अहम लक्ष्यों को खत्म किया गया है, जिससे भविष्य के सैन्य अभियानों को मजबूती मिलेगी।

जमीर ने यह भी जानकारी दी कि तेहरान में एक सुरक्षित ठिकाने पर छिपे उन लोगों को भी निशाना बनाया गया, जो गाजा और वेस्ट बैंक में आतंकी गतिविधियों से जुड़े हुए थे। इस कार्रवाई को व्यापक रणनीतिक अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और अधिक बढ़ गया है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के चलते क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो यह संघर्ष और व्यापक रूप ले सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस्राइल और ईरान के बीच टकराव वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article