तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। इस्राइल ने दावा किया है कि उसने ईरान की एक फैक्ट्री पर हमला किया, जहां कथित तौर पर रासायनिक हथियारों के लिए फेंटानिल जैसी घातक ड्रग तैयार की जा रही थी। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
इस्राइली सेना के अनुसार यह हमला एक बेहद संवेदनशील लक्ष्य पर किया गया, जिसे ईरान के सैन्य और शोध नेटवर्क से जुड़ा बताया गया है। सेना का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य संभावित रासायनिक खतरे को समय रहते खत्म करना था।
हालांकि ईरान ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जिस फैक्ट्री को निशाना बनाया गया, वह एक दवा निर्माण इकाई थी, जहां केवल अस्पतालों के लिए जरूरी दवाएं बनाई जाती थीं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले को युद्ध अपराध करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस्राइल अब खुलेआम नागरिक ढांचे और दवा कंपनियों को निशाना बना रहा है।
फेंटानिल एक अत्यंत शक्तिशाली सिंथेटिक दवा है, जिसका उपयोग सामान्यतः गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी थोड़ी मात्रा भी बेहद घातक हो सकती है, जिससे इसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी रहती है।
इस्राइल और अमेरिका पहले भी ईरान पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह इस तरह की दवाओं का उपयोग हथियारों के रूप में करने की दिशा में शोध कर रहा है। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने इस क्षेत्र में कई संवेदनशील अध्ययन किए हैं।
इसी क्रम में तेहरान स्थित एसपीएनडी (SPND) का नाम भी सामने आया है, जिस पर आरोप है कि वह ऐसे शोध में शामिल रहा है, जिनका उपयोग उन्नत हथियार प्रणालियों के विकास में किया जा सकता है।
इस्राइल का दावा है कि जिस फैक्ट्री पर हमला किया गया, वह इसी संस्थान को फेंटानिल की आपूर्ति करती थी। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में समुद्री हमलों की घटनाएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। कतर के तट के पास एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला किए जाने की खबर सामने आई है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है।
बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में फारस की खाड़ी में 20 से अधिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। हालांकि कई मामलों में बड़े नुकसान से बचाव हो गया और चालक दल सुरक्षित रहे।
वहीं, दुबई के पास भी एक कुवैती तेल टैंकर पर हमला हुआ, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि संघर्ष अब समुद्री मार्गों तक फैलता जा रहा है।
इसी दौरान यमन से इस्राइल पर एक मिसाइल दागे जाने की खबर भी सामने आई है। इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने इस मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान को टाल दिया गया।
लगातार बढ़ते हमलों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच पश्चिम एशिया में हालात बेहद नाजुक हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं हुए, तो यह संघर्ष व्यापक युद्ध में बदल सकता है, जिसके दूरगामी वैश्विक प्रभाव होंगे।


