पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इराक के प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया है कि उनके देश को किसी भी सैन्य हमले के लिए लॉन्च पैड के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार सुदानी ने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि इराक किसी भी देश के खिलाफ दुश्मनी फैलाने का माध्यम नहीं बनेगा।
यह कूटनीतिक बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। हाल के दिनों में क्षेत्र में मिसाइलों और लड़ाकू विमानों की गतिविधि बढ़ गई है, जिससे कई देशों में चिंता का माहौल है। इराक भी इस तनाव के बीच खुद को संघर्ष से दूर रखने की कोशिश कर रहा है।
प्रधानमंत्री के मीडिया कार्यालय के अनुसार बातचीत के दौरान सुदानी ने यह स्पष्ट किया कि इराक की जमीन, हवाई क्षेत्र और जलसीमा का इस्तेमाल किसी भी पड़ोसी देश पर हमला करने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता की रक्षा करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सुदानी ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में सबसे जरूरी है कि इराक को क्षेत्रीय संघर्षों में घसीटा न जाए। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह इराक की सीमाओं और उसकी स्वतंत्र नीति का सम्मान करे।
इराक सरकार का कहना है कि वह अपने देश को युद्ध और हिंसा से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बगदाद प्रशासन चाहता है कि क्षेत्रीय विवादों का समाधान कूटनीतिक तरीके से किया जाए, ताकि आम नागरिकों को नुकसान न उठाना पड़े।
प्रधानमंत्री सुदानी ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि किसी भी पक्ष द्वारा इराक की सीमा का उल्लंघन करना अस्वीकार्य है। उन्होंने ऐसे किसी भी कदम की कड़ी निंदा की और कहा कि इराक अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
हालांकि इराक शांति की कोशिश कर रहा है, लेकिन युद्ध का असर उसकी सीमाओं तक पहुंच चुका है। हाल ही में ईरान की सेना ने उत्तरी इराक में स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला किया है, जिसकी जिम्मेदारी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ली है।
आईआरजीसी के जनसंपर्क विभाग के अनुसार यह हमला इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित ‘हरीर एयर बेस’ को निशाना बनाकर किया गया। यह एयर बेस अमेरिकी सेना और अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य केंद्र माना जाता है।
ईरानी सेना का कहना है कि इस सैन्य ठिकाने पर पांच मिसाइलें दागी गईं। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हरीर एयर बेस जैसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने को निशाना बनाना क्षेत्रीय संघर्ष के और विस्तार का संकेत हो सकता है। ऐसे में कई देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
इस बीच प्रधानमंत्री सुदानी ने दोहराया है कि उनकी सरकार इराक की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इराक किसी भी हाल में अपने देश को दूसरे देशों के संघर्ष का मैदान नहीं बनने देगा।


