27 C
Lucknow
Thursday, March 19, 2026

ईरान हमले से एलएनजी सप्लाई पर संकट, भारत में गैस किल्लत बढ़ने की आशंका

Must read

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की गैस सप्लाई को लेकर बड़ी चिंता सामने आई है। ईरान द्वारा कतर की अहम ऊर्जा परियोजना पर किए गए मिसाइल हमले के बाद वैश्विक एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) सप्लाई पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। यह हमला कतर की राजधानी दोहा से करीब 80 किलोमीटर दूर स्थित रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हुआ, जो दुनिया के प्रमुख गैस निर्यात केंद्रों में से एक है।

हमले के बाद इस अत्याधुनिक एनर्जी हब में भीषण आग लग गई, जिससे वहां मौजूद एलएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर और कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारी नुकसान पहुंचा। हालांकि आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इस नुकसान की भरपाई में तीन से पांच साल तक का समय लग सकता है। इससे न केवल कतर की उत्पादन क्षमता प्रभावित होगी, बल्कि वैश्विक बाजार में गैस की आपूर्ति भी लंबे समय तक बाधित रह सकती है।

कतर की सरकारी कंपनी कतरएनर्जी के सीईओ साद अल-काबी ने बताया कि इस हमले से देश की लगभग 17 प्रतिशत एलएनजी निर्यात क्षमता को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आशंका जताई कि कंपनी को अपने कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर “फोर्स मैज्योर” लागू करना पड़ सकता है, जिससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों को गैस सप्लाई में बाधा आ सकती है।

भारत के लिए यह स्थिति और भी गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि कतर उसका सबसे बड़ा एलएनजी सप्लायर है। भारत हर साल करीब 2.7 करोड़ टन एलएनजी का आयात करता है, जिसमें से लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले कतर से आता है। ऐसे में सप्लाई में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर घरेलू गैस उपलब्धता और कीमतों पर पड़ सकता है।

इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई बाधित हुई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखने लगा है, जहां कच्चे तेल की कीमत 119 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है, जो पिछले चार वर्षों का उच्चतम स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हालात जल्द नहीं सुधरे, तो कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

कुल मिलाकर, इस हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को झटका दिया है और भारत सहित कई देशों के लिए आने वाले समय में गैस संकट और महंगाई की चुनौती बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article