तेल अवीव/तेहरान। पश्चिम एशिया में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इज़रायल ने ईरान पर बड़ा सैन्य हमला किया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच सीधी टकराव की आशंका गहरा गई है। हमले के बाद ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं।
इज़रायली रक्षा मंत्रालय ने इसे “प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक” यानी संभावित खतरे को रोकने के लिए की गई कार्रवाई बताया है। वहीं ईरान ने इस हमले को आक्रामक कार्रवाई करार देते हुए जवाब देने की चेतावनी दी है।
सूत्रों के अनुसार, हमले के दौरान कई सैन्य ठिकानों और संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया गया। तेहरान और आसपास के क्षेत्रों में सायरन बजाए गए तथा नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।
हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर हताहतों की सटीक संख्या जारी नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में जानमाल के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
हमले के बाद इज़रायल ने अपने नागरिकों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। संभावित जवाबी कार्रवाई को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हवाई रक्षा प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया है और सेना को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
परमाणु तनाव के बीच कार्रवाई
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से ही तनाव बना हुआ है। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ चल रही कूटनीतिक कोशिशों के बीच इस सैन्य कार्रवाई ने हालात और जटिल कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सीधा युद्ध छिड़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, वैश्विक बाजारों में अस्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा संकट की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है और आने वाले घंटे निर्णायक साबित हो सकते हैं।
ईरान पर इज़रायल का बड़ा हमला, पश्चिम एशिया में बढ़ा युद्ध का खतरा


