आयतुल्लाह अली खामेनेई की शहादत पर जताया गहरा शोक
नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने नई दिल्ली स्थित ईरान के दूतावास पहुंचकर ईरान के सर्वोच्च नेता खानेमई की शहादत पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इस दौरान ईरान की जनता के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना केवल ईरान ही नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी एक बड़ी क्षति है।
सलमान खुर्शीद ने दूतावास में पहुंचकर शोक संदेश दर्ज किया और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह अली खामेनेई लंबे समय तक ईरान की राजनीति और धार्मिक नेतृत्व के प्रमुख स्तंभ रहे और उनके नेतृत्व का प्रभाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देखा गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि सभी देशों को मिलकर संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति कायम रखने का प्रयास करना चाहिए।
सलमान खुर्शीद ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में भी मजबूत संबंध रहे हैं। ऐसे कठिन समय में भारत के लोग ईरान की जनता के साथ संवेदना और सहयोग की भावना रखते हैं।
उन्होंने अपने संदेश में कहा कि किसी भी संघर्ष या हिंसा से अंततः मानवता को ही नुकसान होता है, इसलिए दुनिया के देशों को आपसी संवाद और शांतिपूर्ण समाधान को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सलमान खुर्शीद के इस कदम के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इस तरह की घटनाओं का प्रभाव वैश्विक राजनीति, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।
इस बीच ईरान में भी आयतुल्लाह अली खामेनेई की शहादत के बाद शोक का माहौल है और कई देशों के नेताओं व प्रतिनिधियों द्वारा श्रद्धांजलि दी जा रही
ईरानी दूतावास पहुंचकर सलमान खुर्शीद ने दी श्रद्धांजलि


