देवरिया। प्लॉट की खरीद-बिक्री से जुड़े जालसाजी के मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईपीएस अमिताभ ठाकुर को देवरिया जिला कारागार में हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। लखनऊ पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उन्हें जेल भेजा गया, जहां उनकी मौजूदगी के साथ उनका लगातार लिखना जेल प्रशासन के लिए नई चिंता बन गया है।
जानकारी के मुताबिक, अमिताभ ठाकुर जेल में 50–60 ए4 साइज के सादे पन्ने साथ लेकर पहुंचे हैं। बैरक में जब भी उन्हें समय मिलता है, वह लिखने में जुट जाते हैं। वह क्या लिख रहे हैं, यह किसी को पता नहीं है, लेकिन उनकी लगातार लिखाई ने जेल अधिकारियों की धड़कनें तेज कर दी हैं। प्रशासन को आशंका है कि कहीं वह जेल की अंदरूनी कमियों, अव्यवस्थाओं या अधिकारियों के व्यवहार का विस्तृत ब्योरा तैयार न कर रहे हों, जिसे बाद में शासन स्तर पर शिकायत के रूप में भेजा जा सके।
मालूम हो कि अमिताभ ठाकुर पहले भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में जेल में उनका लिखना अधिकारियों के लिए और भी संवेदनशील विषय बन गया है। जेल प्रशासन उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है, जबकि मामले को लेकर सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी गई है।




