फर्रुखाबाद: विकासखंड कमालगंज (Development Block Kamalganj) में पारिवारिक पेंशन और मृतक आश्रित (Family Pension and Dependents of Deceased) कोटे की नौकरी से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। नियमों को दरकिनार कर वर्षों तक एक ही परिवार को सरकारी लाभ दिए जाने के आरोपों से शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन का कहना है कि प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराई जा रही है और किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति के सेवा अभिलेख, पेंशन भुगतान से जुड़े दस्तावेज, पुनर्विवाह की स्थिति तथा नियुक्ति से संबंधित सभी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नियमविरुद्ध भुगतान किन अधिकारियों की संस्तुति से हुआ और यह प्रक्रिया कितने वर्षों तक चलती रही।अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि जांच में लापरवाही, मिलीभगत या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ विधिक कदम भी उठाए जाएंगे।
शिकायतकर्ता शहाबुद्दीन ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी कई बार इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कथित खाऊ–कमाऊ नीति के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मामले की जांच किसी अन्य स्वतंत्र विभाग से कराए जाने की मांग की है, ताकि सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके। प्रशासनिक कार्रवाई शुरू होने के बाद मामले से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, ईमानदार और भ्रष्टाचार पर सख्त मानी जाने वाली योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावों के बीच यह जांच अहम मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है और क्या वास्तव में भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा पाता है।


