हरदोई: पिहानी क्षेत्र में लंबे समय से मानदेय (honorarium) बढ़ाने की मांग कर रहे अनुदेशकों को बुधवार को बड़ी राहत की खबर मिली। काफी समय से प्रदेश भर के अनुदेशक सम्मानजनक मानदेय (Instructor Respectable Honorarium) की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे, जिस पर अब सकारात्मक निर्णय आने से उनमें खुशी की लहर है।
पूर्व माध्यमिक अनुदेशक कल्याण समिति के जिला संयोजक नृपेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि अनुदेशक पिछले लगभग 13 वर्षों से मात्र सात हजार रुपये के अल्प मानदेय पर कार्य कर रहे थे। उन्होंने इसे बंधुआ मजदूरी जैसी स्थिति बताते हुए कहा कि इतने लंबे समय से अनुदेशक सरकार से उचित और सम्मानजनक मानदेय की मांग करते आ रहे थे।
कंपोजिट स्कूल जरेली के अनुदेशक कर्मवीर सिंह ने कहा कि लंबे संघर्ष और इंतजार के बाद सुप्रीम कोर्ट से अनुदेशकों के पक्ष में आया फैसला बेहद राहत भरा है। इस निर्णय से अनुदेशकों के मनोबल में वृद्धि हुई है और उन्हें अपने भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिली है।
अनुदेशकों का कहना है कि इस फैसले से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि समाज में उन्हें सम्मानजनक पहचान भी मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अब जल्द ही इस फैसले को लागू कर अनुदेशकों को उनका हक प्रदान करेगी।


