फतेहपुर। जिले में पुलिस विभाग ने भ्रष्टाचार और जांच में गड़बड़ी के गंभीर आरोपों को लेकर राधानगर थाने के दरोगा प्रज्ज्वल उपाध्याय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक द्वारा की गई, जिन्होंने कहा कि जांच में पारदर्शिता और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
घटना की शुरूआत उस समय हुई जब पीड़ित अभिषेक सिंह ने सड़क दुर्घटना की जांच को लेकर लिखित शिकायत एसपी को दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि दरोगा ने जानबूझकर लापरवाही बरतते हुए मामले की दिशा बदलने का प्रयास किया। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि दरोगा ने मूल ट्रैक्टर को बदलकर दूसरे ट्रैक्टर को साक्ष्य के तौर पर पेश किया, जिससे जांच में भ्रामक स्थिति पैदा हुई।
पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में भ्रष्टाचार या जांच में छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, नवागंतुक पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक को जिले का चार्ज सिर्फ 4 दिन पहले ही मिला था, लेकिन उन्होंने आते ही भ्रष्टाचार और अनियमितताओं पर कार्रवाई शुरू कर दी। अधिकारियों का कहना है कि इससे जिले में कानून व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने का संदेश गया है।
इस मामले से स्थानीय लोगों में चर्चा शुरू हो गई है। लोग उम्मीद जताते हैं कि निलंबन जैसी कार्रवाई से अन्य पुलिसकर्मियों में भी सुधार और जिम्मेदारी का भाव आएगा। वहीं, पीड़ित अभिषेक सिंह ने कहा कि अब उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी साफ किया कि भविष्य में ऐसे किसी भी मामले में कठोर और त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी ताकि जनता का विश्वास पुलिस व्यवस्था पर बना रहे और जांच में कोई समझौता न हो।


