बरेली में शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के तहत उप निरीक्षक (दरोगा) भर्ती परीक्षा आयोजित की गई। जिले के 19 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा संपन्न हुई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की गई। कुल 16 हजार पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग चार हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए।
पहली पाली में 8160 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, जिनमें से 6047 परीक्षार्थी उपस्थित रहे, जबकि 2113 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। वहीं दूसरी पाली में 8160 में से 6121 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 2039 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और अभ्यर्थियों की तीन चरणों में सख्त जांच की गई।
परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की कड़ी चेकिंग की गई। पुरुष अभ्यर्थियों की मुड़ी हुई आस्तीन, जूते, मोजे और बेल्ट की जांच की गई, जबकि महिला अभ्यर्थियों को कानों के कुंडल, कांच की चूड़ियां और कड़े उतरवाने पड़े। कई अभ्यर्थियों को नंगे पैर ही परीक्षा केंद्र के अंदर भेजा गया। इसके बाद बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैनिंग के जरिए पहचान सत्यापित की गई, हालांकि कुछ स्थानों पर रेटिना मशीन ने बीच-बीच में तकनीकी दिक्कत भी दी।
जिले में बरेली कॉलेज सहित जीजीआईसी, जीआईसी, एसवी इंटर कॉलेज, एफआर इस्लामिया इंटर कॉलेज, इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज, दरबारी लाल शर्मा इंटर कॉलेज रिठौरा, बिशप मंडल इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज और अन्य कॉलेजों में परीक्षा आयोजित कराई गई। परीक्षा देकर निकले कई अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत आसान था, जिससे कटऑफ अधिक जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं प्रश्नपत्र के एक सवाल में विकल्प के रूप में “पंडित” शब्द दिए जाने को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आपत्ति भी जताई है।


