लखनऊ| राजधानी से देश के प्रमुख महानगरों मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू रूट पर इंडिगो की उड़ानों में भारी कटौती की संभावना जताई जा रही है। एयरलाइन प्रबंधन स्तर पर इस प्रस्ताव पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार इन रूटों पर प्रतिदिन आठ से दस उड़ानें तक कम की जा सकती हैं, जिससे हवाई किराया महंगा होने की पूरी उम्मीद है।
पिछले एक सप्ताह से देशभर में इंडिगो के विमानों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है। लखनऊ के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी प्रतिदिन दर्जनों इंडिगो उड़ानें रद्द हो रही थीं। यात्रियों की बढ़ती परेशानियों के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हस्तक्षेप करते हुए इंडिगो को दस प्रतिशत उड़ानें घटाने के निर्देश जारी किए हैं।
एयरपोर्ट आंकड़ों के अनुसार अमौसी एयरपोर्ट पर रोजाना लगभग 144 उड़ानों की आवाजाही होती है, जिनमें से करीब 80 उड़ानें अकेले इंडिगो की हैं। लखनऊ से मुंबई, दिल्ली और बंगलूरू—इन तीनों रूटों पर इंडिगो की सर्वाधिक उड़ानें संचालित होती हैं, इसलिए इन्हीं मार्गों पर कटौती की संभावना सबसे अधिक बताई जा रही है।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार इंडिगो की लखनऊ से मुंबई के लिए 20, दिल्ली के लिए 10 और बंगलूरू के लिए छह उड़ानें प्रतिदिन संचालित होती हैं। जबकि हैदराबाद, पटना, जयपुर, अहमदाबाद और देहरादून के लिए इंडिगो की उड़ानें सीमित हैं, इसलिए इन मार्गों पर कटौती की संभावना कम मानी जा रही है।
उड़ानें घटने का सीधा असर यात्रियों के बजट पर पड़ेगा। वर्तमान में लखनऊ से मुंबई का हवाई किराया औसतन पांच से साढ़े पांच हजार रुपये, दिल्ली का लगभग चार हजार रुपये और बंगलूरू का करीब छह हजार रुपये है। लेकिन जैसे ही उड़ानों की संख्या कम होगी, सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और एयरलाइंस कंपनियां इसका फायदा उठाते हुए किराये में वृद्धि करेंगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि किराया 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है, जिससे आम यात्रियों की जेब ढीली होना तय है।
यात्रियों में इस संभावित कटौती को लेकर चिंता बढ़ गई है। व्यवसायिक यात्रियों, छात्रों और नियमित यात्रा करने वाले लोगों को भारी असर झेलना पड़ेगा। एयरपोर्ट प्रशासन ने भी इस मुद्दे पर इंडिगो से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और संचालन व्यवस्था को जल्द सुचारु करने की सलाह दी है।






