– विदेश सचिव विक्रम मिस्री ईरानी दूतावास पहुंचे, शोक रजिस्टर में लिखी संवेदना
नई दिल्ली। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर भारत सरकार की ओर से गहरा शोक व्यक्त किया गया। इस मौके पर भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे और वहां रखे गए शोक रजिस्टर में हस्ताक्षर कर अपनी संवेदनाएं दर्ज कीं।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास में पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संदेश के रजिस्टर में भारत सरकार की ओर से संवेदना लिखी। उन्होंने लिखा कि ईरान के सर्वोच्च नेता के निधन से विश्व राजनीति और मध्य-पूर्व क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हुआ है। भारत इस दुख की घड़ी में ईरान की सरकार और वहां की जनता के साथ खड़ा है।
सूत्रों के अनुसार विदेश सचिव ने ईरानी राजनयिकों से मुलाकात कर भारत की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग का रिश्ता लंबे समय से मजबूत रहा है।
गौरतलब है कि अयातुल्ला खामेनेई लंबे समय से ईरान की राजनीति और धार्मिक नेतृत्व के केंद्र में रहे। उनके नेतृत्व में ईरान ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए। उनके निधन की खबर के बाद दुनिया भर के कई देशों ने शोक व्यक्त किया है।
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास में भी शोक का माहौल रहा, जहां राजनयिकों और अधिकारियों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी। शोक रजिस्टर में कई देशों के प्रतिनिधियों ने भी अपने संदेश लिखे।भारत सरकार की ओर से यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।


