नागरिक जहाजों को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे एक मालवाहक जहाज पर हमला होने की घटना सामने आई है। हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचा है और तीन क्रू सदस्य लापता बताए जा रहे हैं। इस घटना पर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए व्यापारिक जहाजों और आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने की निंदा की है।
बताया गया है कि थाईलैंड के झंडे वाला मालवाहक जहाज “मयूरी नरे” संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा पोर्ट से गुजरात के कांडला पोर्ट के लिए रवाना हुआ था। जब यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी उस पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल जैसे हथियारों से हमला किया गया। हमले के बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई, जिससे जहाज को काफी नुकसान पहुंचा और अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
जहाज की संचालन कंपनी प्रेशियस शिपिंग के अनुसार इस हमले के बाद तीन क्रू सदस्य लापता हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि वे इंजन रूम में फंस गए होंगे। वहीं अन्य 20 क्रू सदस्यों ने जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगा दी, जिन्हें बाद में सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद थाईलैंड की नौसेना ने भी पुष्टि की कि हमले के बाद जहाज से भारी धुआं उठता देखा गया था और लापता क्रू सदस्यों की तलाश जारी है।
बताया जा रहा है कि यह मालवाहक जहाज करीब 178 मीटर लंबा है और इसकी क्षमता लगभग 30 हजार टन है। इस बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बयान जारी कर दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में इसी जहाज को उनके प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया था।
इस घटना पर भारत के विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि इससे पहले भी ऐसे हमलों में भारतीय नागरिकों समेत कई लोगों की जान जा चुकी है और अब इन घटनाओं की गंभीरता और बढ़ती दिखाई दे रही है। भारत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में व्यापारिक जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए।


