दालों का दबाव हटा, 500 अरब डॉलर की खरीद अब बाध्यता नहीं
नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच चल रही बहुचर्चित ट्रेड डील में भारत को महत्वपूर्ण राहत मिली है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी संशोधित दस्तावेज़ में अब दालों (पल्सेज) का उल्लेख हटा दिया गया है। साथ ही 500 अरब डॉलर तक अमेरिकी वस्तुओं की खरीद को अनिवार्य शर्त की बजाय महज ‘इरादे’ के रूप में पेश किया गया है।
कृषि क्षेत्र को राहत
पहले जारी दस्तावेज़ में दालों को लेकर संभावित आयात विस्तार का संकेत था, जिससे भारतीय किसानों में चिंता का माहौल था। दालों का जिक्र हटने से घरेलू कृषि बाजार पर दबाव कम होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय किसानों के हितों की रक्षा होगी और मूल्य संतुलन बना रहेगा।
डील से जुड़े शुरुआती बयानों में यह चर्चा थी कि भारत को बड़े पैमाने पर अमेरिकी उत्पाद खरीदने होंगे। लेकिन अब स्पष्ट किया गया है कि यह कोई बाध्यकारी शर्त नहीं है, बल्कि व्यापार बढ़ाने की दिशा में एक लक्ष्य या इरादा भर है।
कूटनीतिक संतुलन का संकेत
विशेषज्ञ इसे भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि भारत ने अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को सुरक्षित रखते हुए वार्ता को संतुलित दिशा दी है।
दोनों देशों के बीच बातचीत अभी जारी है। रक्षा, ऊर्जा, डिजिटल व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी प्रगति की संभावना जताई जा रही है।
ट्रेड डील में भारत को कुछ राहत


