नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप में भारत–पाकिस्तान के बहुप्रतीक्षित मुकाबले के रद्द होने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और ब्रॉडकास्टर्स को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है। क्रिकेट जगत में भारत–पाक मैच को सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर माना जाता है और यही कारण है कि इस एक मुकाबले पर अरबों रुपये का दांव लगा होता है।
क्रिकेट से जुड़े आर्थिक विश्लेषकों के मुताबिक भारत–पाक मुकाबले से लगभग 25 करोड़ अमेरिकी डॉलर, यानी 2200 करोड़ रुपये से अधिक के राजस्व की उम्मीद की जाती है। इसमें टीवी ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, डिजिटल स्ट्रीमिंग, विज्ञापन, स्पॉन्सरशिप और स्टेडियम टिकट बिक्री से होने वाली कमाई शामिल होती है। मैच रद्द होने की स्थिति में यह पूरा अनुमानित राजस्व प्रभावित हो सकता है, जिससे आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स को बड़ा झटका लगेगा।
सूत्रों के अनुसार यदि मुकाबला नहीं हो पाता और वॉकओवर की स्थिति बनती है, तो टूर्नामेंट के नियमों के तहत भारत को अंक मिल सकते हैं, लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर जुर्माने की तलवार लटक सकती है। आईसीसी के नियमों के मुताबिक किसी टीम की वजह से मैच रद्द होने या खेलने से इनकार की स्थिति में आर्थिक दंड और अन्य प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
भारत–पाक मैच केवल एक खेल मुकाबला नहीं, बल्कि वैश्विक क्रिकेट कैलेंडर का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है। इस मैच के दौरान दुनिया भर में रिकॉर्ड व्यूअरशिप देखने को मिलती है। विज्ञापन दरें सामान्य मुकाबलों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती हैं और ब्रॉडकास्टर्स के लिए यह सबसे कमाऊ मैच साबित होता है।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भारत–पाक मुकाबला रद्द होना केवल खेल भावना के लिहाज़ से ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी टूर्नामेंट के लिए बड़ा झटका होगा। आईसीसी की कोशिश रहेगी कि किसी भी स्थिति में यह मुकाबला कराया जाए, ताकि टूर्नामेंट की लोकप्रियता और राजस्व दोनों पर नकारात्मक असर न पड़े।
फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या परिस्थितियां सामान्य होंगी और मैदान पर एक बार फिर क्रिकेट की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता देखने को मिलेगी, या फिर यह मुकाबला रद्द होकर क्रिकेट इतिहास में एक और विवादित अध्याय जोड़ देगा।






