नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को लेकर एक और बड़े समझौते की संभावनाएं तेज हो गई हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही नए समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ सकती है। इस बयान के बाद भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश व्यापार, तकनीक, रक्षा और औद्योगिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और विस्तार देना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति है और अमेरिका भारत के साथ दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के पक्ष में है।
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में पहले से ही कई समझौते हो चुके हैं। अब उन्नत रक्षा तकनीक, ड्रोन सिस्टम, इंजन तकनीक और औद्योगिक सहयोग को लेकर भी नए समझौते की संभावना जताई जा रही है। इससे दोनों देशों के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग और मजबूत हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का अहम भागीदार बनाना चाहता है। खासकर सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक इंडस्ट्री में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार आने वाले समय में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इस संभावित समझौते को लेकर औपचारिक बातचीत शुरू हो सकती है। यदि यह समझौता होता है तो भारत-अमेरिका संबंधों में एक और बड़ा अध्याय जुड़ सकता है।
भारत-अमेरिका के बीच नए समझौते की तैयारी, ट्रंप के दूत का बड़ा बयान


