– छात्रों को मिली व्यावसायिक अभ्यास की नई सौगात
लखनऊ: ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लीगल स्टडीज में रविवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल मूट कोर्ट हॉल (Dr. Bhimrao Ambedkar Memorial Moot Court Hall) का उद्घाटन (Inauguration) समारोह सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल मौजूद रहे। उन्होंने विधि छात्रों को जीवन में शिष्टाचार और मर्यादाओं के पालन का महत्व समझाते हुए कहा कि यही गुण भविष्य में उन्हें एक सफल अधिवक्ता और जिम्मेदार नागरिक बनाते हैं। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के प्रोक्तर डॉ. नीरज शुक्ला ने किया।
उन्होंने “स्नातक से अधिवक्ता बनने की मर्यादाएं” विषय पर चर्चा करते हुए विधि शिक्षा में मूट कोर्ट की भूमिका को रेखांकित किया। कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि मूट कोर्ट गतिविधियां छात्रों को न्यायालयीन प्रक्रिया की वास्तविक समझ देती हैं और उनमें वकालत के व्यावहारिक कौशल विकसित करती हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी ने नैतिक मूल्यों और शिष्टाचार को विधि पेशे का आधार बताया।
वहीं, आरएमएनएलयू के कुलपति प्रो. अमरपाल सिंह ने कहा कि एक सफल अधिवक्ता के लिए भाषा, ड्राफ्टिंग और क्रॉस एग्ज़ामिनेशन में दक्षता आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे चैटजीपीटी जैसे टूल्स पर निर्भर होने के बजाय पुस्तकालय में समय देकर लेखन व शोध की आदत डालें। समारोह का समापन विधि संकायाध्यक्ष डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।