शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप के शाहजहांपुर दौरे के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकार कमल सिंह ने सीधे और तीखे सवाल उठाकर प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।
पत्रकार कमल सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज से दवाइयों की चोरी का मामला सामने आया था, जिसमें दवाइयों से भरा एक वाहन भी पकड़ा गया था। इस प्रकरण में चीफ फार्मासिस्ट सहित कई लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन 20 माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
100 करोड़ घोटाले पर भी सवाल
प्रेस वार्ता में 100 करोड़ रुपये के घोटाले का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। आरोप है कि तत्कालीन सीएमओ डॉ आर के गौतम सहित कई विभागीय अधिकारी इस प्रकरण में आरोपी रहे, लेकिन अब तक कार्रवाई शून्य है।
इतना ही नहीं, घोटाले में शामिल बताए गए डॉ मनोज मिश्रा पर कार्रवाई तो दूर, उन्हें नगर स्वास्थ्य अधिकारी बना दिया गया — यह भी सवालों के घेरे में रहा।
कृषि विभाग पर भी उठे आरोप
कृषि विभाग में दशकों से तैनात बाबू पंकज सिंह के खिलाफ भी शिकायतों का जिक्र किया गया। आरोप है कि उन्होंने अपनी फर्म बनाकर करोड़ों रुपये की खाद, कृषि यंत्र और दवाइयों की बिक्री की। बताया गया कि कृषि मंत्री से शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
“सरकार तक पहुंचे बात”
पत्रकार कमल सिंह ने प्रभारी मंत्री से पूछा कि आखिर 20 महीनों से लंबित इन मामलों में कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को संरक्षण मिल रहा है ?
प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप से जवाब मांगते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, तो इन मामलों में ठोस कार्रवाई कब तक होगी?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे इन सवालों के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या कदम उठाती है।


