इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जेल में बंद खान की एक आंख की रोशनी लगभग चली जाने की खबर सामने आने के बाद Supreme Court of Pakistan ने उनकी आंखों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत चिकित्सीय मूल्यांकन सुनिश्चित करने को कहा है।
अदालत ने साथ ही खान को अपने बच्चों से बातचीत की अनुमति देने का भी निर्देश दिया। भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद गिरफ्तार किए गए खान फिलहाल रावलपिंडी की Adiala Jail में बंद हैं। उनके समर्थकों का आरोप है कि जेल में उन्हें पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल रही है।
Pakistan Tehreek-e-Insaf (पीटीआई) के संस्थापक खान की सेहत पर चिंता जताते हुए खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रांतीय कैबिनेट की बैठक में उन्होंने कहा कि आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक 73 वर्षीय खान की दाहिनी आंख में केवल 10 से 15 प्रतिशत दृष्टि शेष है और वे अपनी अधिकांश दृष्टि खो चुके हैं।
हालांकि अफरीदी ने यह भी दावा किया कि इस रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, क्योंकि खान के निजी चिकित्सकों को अब तक स्वतंत्र रूप से उनकी पूरी जांच करने की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने इसे सरकार की “घोर लापरवाही और आपराधिक गैरजिम्मेदारी” करार दिया।
सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे ने नया तनाव पैदा कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि खान की सेहत और जेल में व्यवहार का मुद्दा आने वाले समय में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति को और अधिक गरमा सकता है।


