छापामारी में दो ट्रैक्टर-ट्रालियां पकड़ी गईं, चालक फरार; सत्ता पक्ष के नेताओं की सह पर कारोबार की चर्चाएं
शमशाबाद, फर्रुखाबाद: शमशाबाद क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में मिट्टी का अवैध खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है। लंबे समय से सक्रिय खनन माफिया खुलेआम धरती का सीना चीर रहे हैं और लाखों रुपये की अवैध कमाई कर राजस्व विभाग को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। ताजा मामले में खनन निरीक्षक की छापामारी के दौरान दो ट्रैक्टर-ट्रालियों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि चालक मौके से फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम बैरमपुर के निकट अवैध खनन की शिकायत ग्रामीणों द्वारा लगातार की जा रही थी। आरोप है कि खनन माफिया सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं की कथित सह पर इस अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र का दुर्भाग्य है कि यहां लंबे समय से खनन माफिया हावी हैं और प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद गतिविधियां रुक नहीं रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक बीते दिवस मध्य रात्रि के करीब खनन निरीक्षक ने ग्राम बैरमपुर क्षेत्र में छापामारी की। अचानक हुई कार्रवाई से खनन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घबराए चालक ट्रैक्टर-ट्रालियां मौके पर छोड़कर फरार हो गए। मौके से दो ट्रैक्टर-ट्रालियां कब्जे में लेकर चिलसरा पुलिस को सौंप दी गईं।
चिलसरा चौकी प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि खनन निरीक्षक द्वारा पकड़ी गई दोनों ट्रैक्टर-ट्रालियां पुलिस को सौंपी गई हैं। खनन अधिकारी के अनुसार अवैध खनन में लिप्त पाए जाने पर दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया है तथा अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों के बीच इस बात की चर्चाएं भी तेज हैं कि क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन को कथित तौर पर सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि माफिया बेखौफ होकर खनन कार्य को अंजाम दे रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि बिना स्थानीय स्तर पर सहयोग के इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध खनन न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पर्यावरण और कृषि भूमि को भी गंभीर क्षति पहुंचाता है। खेतों की उपजाऊ मिट्टी हटने से किसानों को भविष्य में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।


