संभल
नगर मजिस्ट्रेट के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को ‘जीवन रेखा मेडिकेयर सेंटर’ नामक अवैध अस्पताल को सील कर दिया। तहसील संभल के थाना नखासा क्षेत्र स्थित अशरफी चौराहा पर यह कार्रवाई शाम करीब 4 बजे की गई। अस्पताल में बिना वैध योग्यता के मरीजों का इलाज और ऑपरेशन किए जाने की जानकारी मिलने के बाद यह कदम उठाया गया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में गंदगी और अव्यवस्था पाई गई। अस्पताल में लगभग 5-6 बेड लगे हुए थे और हर जगह गंदगी का अंबार था। एक कमरे में दो बेड और एक पुरानी सर्जरी टेबल मिली, जिसे प्रथम दृष्ट्या ऑपरेशन थिएटर के रूप में इस्तेमाल किया जाता प्रतीत हुआ। इसके पास ही एक अन्य कमरे में 3-4 बेड और पल्स मॉनिटर जैसे उपकरण भी मौजूद थे।
अस्पताल में मौजूद अमान पुत्र सलीम ने बताया कि यह केंद्र डॉ. कर्रार हुसैन द्वारा संचालित किया जाता था। अस्पताल के लेटर पैड पर डॉ. परवेज खान, एमडी. एएमयू अलीगढ़ अंकित था। जांच में पता चला कि डॉ. कर्रार हुसैन ने खुद को बी.यू.एम.एस. बताया और परवेज खान उनका दूसरा नाम है। एमडी की डिग्री के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने स्वीकार किया कि यह केवल लिखवा दिया गया था।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह अस्पताल पिछले 5-10 वर्षों से संचालित हो रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि चिकित्सा पंजीकरण प्रमाण-पत्र की वैधता समाप्त हो चुकी थी, जिससे अस्पताल वर्तमान में पंजीकृत नहीं था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि अस्पताल अवैध रूप से संचालन कर रहा था और मरीजों के लिए गंभीर जोखिम उत्पन्न कर रहा था।
प्रथम दृष्ट्या यह पाया गया कि डॉ. कर्रार हुसैन उर्फ डॉ. परवेज खान बिना वैध योग्यता के ऑपरेशन और इलाज कर रहे थे। नगर मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इस अस्पताल को तुरंत सील किया जाए और कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मनोज चौधरी ने मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील कर दिया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे अवैध अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में इस तरह की लापरवाही रोकने में मदद मिले।


