पीलीभीत: यूपी के पीलीभीत (Pilibhit) में घुंघचाई थाना क्षेत्र के लाह गांव में एक घर से चल रही अवैध कफ सिरप (Illegal cough syrup) बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और 41 वर्षीय एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया। सुरेश कुमार पर प्रतिबंधित पदार्थों की कमी का फायदा उठाकर नकली कफ सिरप बनाने का आरोप है। सर्कल ऑफिसर प्रतीक दहिया और एसएचओ जय शंकर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 340 बोतल कफ सिरप के अलावा बड़ी मात्रा में कच्चा माल, छपे हुए लेबल और बड़े पैमाने पर उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली विशेष मशीनरी जब्त की।
एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि आरोपी नकली सिरप बनाने के लिए स्पिरिट, डेक्सट्रोमेथोर्फन सॉल्यूशन और गन्ने के गुड़ का इस्तेमाल करता था। पैकिंग सामग्री बरेली के आपूर्तिकर्ताओं से मंगाई जाती थी। नकली उत्पाद स्थानीय दवा दुकानों को 80-100 रुपये प्रति बोतल की दर से बेचे जा रहे थे, जबकि इनकी निर्माण लागत 7.5-8 रुपये प्रति बोतल थी। आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े एक मेडिकल स्टोर और अन्य लोगों पर पुलिस की नज़र है।
एएसपी ने बताया कि सुरेश ने 2003 में पीलीभीत सिटी अस्पताल में फार्मेसी सहायक के रूप में काम किया था, जिसके बाद वह अपने गांव लौट आया और शाहजहांपुर के खुतर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लाह और बाद में मझगवां गांव में क्लीनिक खोले। पिछले दो वर्षों में उसने सोशल मीडिया से नकली कफ सिरप बनाने की तकनीक सीखी।
एसएचओ जय शंकर सिंह ने बताया कि सुरेश कुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर में बीएनएस की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 338 (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी), 336(3) (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 340(2) (जाली दस्तावेजों का उपयोग) और 276-278 (दवाओं में मिलावट और बिक्री अपराध) के साथ-साथ ट्रेडमार्क अधिनियम की धारा 103 और 104 भी शामिल हैं।


