नई दिल्ली। भारतीय सेना की मारक क्षमता को और मजबूत करने के लिए अब 800 किलोमीटर रेंज वाली ब्रह्मोस मिसाइल शामिल की जा रही है। यह कदम देश की रक्षा शक्ति को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।
ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है, जिसे भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया है। अब तक इसकी रेंज करीब 290 से 400 किलोमीटर तक थी, लेकिन नए अपग्रेड के बाद इसकी मारक क्षमता बढ़ाकर करीब 800 किलोमीटर कर दी गई है।
इस लंबी दूरी की क्षमता के साथ सेना अब दुश्मन के ठिकानों को और दूर से ही निशाना बना सकेगी। खास बात यह है कि ब्रह्मोस मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा—तीनों प्लेटफॉर्म से दागी जा सकती है, जिससे यह भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक बेहद बहुमुखी और प्रभावी हथियार बन जाती है।
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 800 किमी रेंज वाली ब्रह्मोस के शामिल होने से भारत की स्ट्राइक क्षमता, डिटरेंस (निरोधक शक्ति) और त्वरित जवाबी कार्रवाई की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। यह खासकर सीमा क्षेत्रों में रणनीतिक संतुलन को मजबूत करेगी।
बताया जा रहा है कि इस उन्नत संस्करण को जल्द ही सेना के विभिन्न यूनिट्स में तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में और भी आधुनिक तकनीकों के साथ ब्रह्मोस के नए वर्जन विकसित किए जाने की योजना है।
यह कदम भारत की रक्षा तैयारियों को और सशक्त बनाते हुए वैश्विक स्तर पर उसकी सैन्य ताकत को मजबूती देने वाला साबित होगा।
सेना को मिलेगी 800 किमी रेंज वाली ब्रह्मोस मिसाइल, मारक क्षमता में बड़ा इजाफा


