हरदोई
कोतवाली देहात क्षेत्र के कठेहा मजरा आशा में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 35 वर्षीय राधेश्याम ने पत्नी और बच्चों के साथ चले जाने के बाद फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। राधेश्याम मजदूरी करते थे और पत्नी के साथ दो बेटियों और एक बेटे का पालन-पोषण कर रहे थे। इस घटना ने पूरे गांव में शोक और हड़कंप मचा दिया है।
राधेश्याम के छोटे भाई बाबूराम ने बताया कि लगभग एक साल पहले राधेश्याम अपनी पत्नी के साथ पंजाब में मजदूरी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी वहां के एक युवक के साथ चली गई थी। राधेश्याम ने पुलिस की मदद से पत्नी को ढूंढकर वापस गांव ले आया था, लेकिन यह समस्या अंततः पूरी तरह समाप्त नहीं हुई।
बुधवार को राधेश्याम मजदूरी करने गए थे। घर पर उनकी पत्नी और तीनों बच्चे थे। इसी दौरान उनकी पत्नी बच्चों को लेकर उसी युवक के साथ दोबारा चली गई। राधेश्याम को यह बात देर शाम घर लौटने पर पता चली। घटना की गंभीरता देखकर वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गए।
राधेश्याम ने इसके बाद तीन दिनों तक पत्नी और बच्चों का पता लगाने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। इस दौरान वह लगातार मानसिक तनाव और भावनात्मक पीड़ा में थे। उनके घर और आसपास के लोग भी उनकी हालत देखकर चिंतित थे, लेकिन कुछ नहीं कर सके।
असहनीय मानसिक पीड़ा और निराशा में शुक्रवार रात राधेश्याम ने घर के बरामदे के ऊपर बने कमरे में अपनी पत्नी के दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
देहात कोतवाल हरिनाथ यादव ने बताया कि शव का पंचनामा भरवाया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के शिकायती पत्र के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि परिवार को न्याय मिले।


