असल खिलाड़ी पवन कटियार ने पर्दे के पीछे रहे पहले लड़ाये स्वजातीय, अब क्षत्रियों को कर दिया आमने सामने, मिनी गुण्डा एक्ट से लेकर जिला बदर की कार्यवाहियों के साथ अब खूनी खेल की नौवत
यूथ इंडिया संवाददाता
फर्रुखाबाद: पॉश्र्व कालौनी आवास विकास (Colony Housing Development) से सटी नेकपुर कलां की चर्चित प्लाटिंग (plotting) को लेकर शनिवार को सर्किट हाउस में प्रदेश के पर्यटन और जिला के प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह समेत सदर विधायक और जिम्मेदारों के सामने एक बार फिर चर्चा में आई। इस बार विवाद कटियार विरादरी में नही था, विवाद क्षत्रिय समाज के बीच बखेड़ा बनकर सामने आया।
असमंजस में पडे मंत्री के निर्देश पर पुलिस नेे हंगामा करने पहुंची अनूप सिंह राठौर रच्छू ठाकुर की पत्नी अर्चना को सीओ के समक्ष अपनी बात रखने को कहना पड़ा। सीओ ऑफिस में मंत्री के जिले से जाने के बाद उन्हें घर भेजा और मामले की तहरीर लेकर तह तक जांच का आश्वासन दिया।
राजीव गांधी नगर निवासी पवन कटियार पुत्र भानु प्रताप ने नेकपुर कलां में जमीन का धंधा करने के लिए कई लोगों से कीमती जमीन की खरीद परोख्त की थी। जिसमें अपने कई सजातीयों को हिस्सेदारी का आश्वासन भी दिया था। जमीन पर जैसे ही सडक़ें बिछ कर प्लाट बिक्री के लिए तैयार हुए तो पवन कटियार ने एक एक कर अपने सजातीयों को अलविदा कह दिया। कई सजातीयों को जमीन खरीदने का लॉलीपॉप देकर उनसे बयानें भी लिए फिर बापस भी किये। चूंकि इस जमीन पर पूर्व से ही छिवरामऊ निवासी विमलेश दुबे ने प्लाटिंग कर रखी थी, तो रास्तें को लेकर विवाद न्यायालय तक आज भी विचाराधीन है।
जबरिया प्लाटिंग करने के कारण विमलेश दुबे और उनके पार्टनर अनूप सिंह राठौर आदि का रास्ते को लेकर कई बार विवाद भी पवन कटियार से हुआ। साइड पर तोडफ़ोड़ भी हुई, मुकदमें भी लिखे गये, कई बार गोली चलने की नौवत भी आई, चूंकि पवन कटियार ने कई करोड़ रूपये इस प्लाटिंग में लगाये है। हांलाकि नगर मजिस्ट्रेट तक यहां पहुंचकर बुलडोजर चला चुके है।
चालाक पवन कटियार ने जब देखा कि अनूप सिंह राठौर भारी पड रहा है तो उसने इस साइड को जिले के चर्चित परिवार में सौंप दी और मोटा मुनाफा कमाने का रास्ता भी साफ कर लिया। अब विवाद क्षत्रियों में शुरू हुआ जो सोशल मीडिया से लेकर दर्ज होने वाले नये मुकदमों तक ही नही पहुंचा बल्कि सर्किट हाउस में शनिवार को योगीराज की पोल खोलते हुए नजर आया जब अनूप राठौर की पत्नी अर्चना ने जिले के प्रभारी मंत्री के सामने बखेड़ा खड़ा कर दिया तो मंत्री भी खुद को बचाते हुए दिखे।
मंत्री के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने हंगामा करने वाली अर्चना सिंह को अपने कब्जें में लेकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, तो वहीं पुलिस पर भी कई सवाल खड़े किए गये। बता दें कि अर्चना सिंह के पति रच्छू ठाकुर को हाल ही में दो माह के लिए गुण्डा एक्ट की कार्यवाही के साथ जिला बदर भी किया जा चुका है। बीते गुरूवार को उनके पति पर दो मुकदमें भी और लिखे गये।
उनका आरोप है कि यह मुकदमें भाजपा नेताओं ने लिखवाये हैं। वहीं सर्किट हाउस में उन पर भी आरोप लगे कि उन्होने अपने पति के साथ तमाम लोगों के साथ ठगी की और सोशल मीडिया पर हर किसी को बदनाम करने की साजिशें रचीं, आरोप लगाने वाली महिला का मंत्री के ही सामने भाजपा नेता बीरेन्द्र सिंह राठौर व शंकर सिंह ने बराबर सामना किया।
बता दें कि जमीन के इस मुख्य खेल में शनिवार को भी पवन कटियार सर्किट हाउस पर ही मौजूद थे लेकिन उन्होने यहां पर हमेशा की तरह चुप्पी साधना ही मुनासिफ समझा क्योंकि जमीन के इस खेल में उनके तो आम के आम और गुठलियों के दाम सभी सीधे हो रहे। मुकदमें लिखे जा रहे तो वह दूसरों पर गोली चलने की नौबत होगी तो वह दूसरे होंगे और कानून व्यवस्था बिगड़ेगी तो किरकिसी प्रशासन और सरकार की होगी।


