बुजुर्ग महिला को भेजा गया लाखों का हाउस टैक्स बिल, कर अधीक्षक पर गंभीर आरोप

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लखनऊ। मोतीनगर की 77 वर्षीय उर्मिला त्रिपाठी इन दिनों नगर निगम द्वारा भेजे गए भारी-भरकम हाउस टैक्स बिल से परेशान हैं। हर साल नियमित रूप से टैक्स जमा करने के बावजूद नगर निगम ने अचानक वर्ष 2010 से टैक्स का पुनरीक्षण करते हुए पुराना एरियर और ब्याज जोड़कर कुल 5.87 लाख रुपये का बिल थमा दिया। परिजनों का आरोप है कि यह गलती नगर निगम की ही है, जिसने 14 वर्षों तक कभी पुनरीक्षण नहीं किया और नियमों के अनुसार टैक्स स्वीकार भी करता रहा।

नागर निगम में आयोजित नागरिक समाधान दिवस में उर्मिला त्रिपाठी के बेटे आशुतोष त्रिपाठी ने महापौर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र देकर जोन-2 में तैनात कर अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मांग की कि हाउस टैक्स से जुड़ी जांच किसी अन्य जोन के ईमानदार अधिकारी को दी जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि मानसिक उत्पीड़न के चलते बुजुर्ग उर्मिला त्रिपाठी की तबीयत खराब हो गई है तथा मकान के एक हिस्से में बनी दुकान को सील करने की धमकी भी दी जा रही है। नगर आयुक्त ने मामले की जांच कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।

इंद्रानगर ए-ब्लॉक निवासी अजय वर्मा भी पत्नी ज्योतिमा वर्मा के साथ शिकायत लेकर पहुंचे, जिनके मकान का हाउस टैक्स 4,500 रुपये से अचानक दस गुना बढ़ा दिया गया है। एलडीए कॉलोनी, भवन संख्या बी-6, निवासी उदय शुक्ला ने भी टैक्स बढ़ोतरी पर आपत्ति जताई।

समाधान शिविर में सीवर और सफाई कार्यों में लापरवाही की शिकायतें भी सामने आईं। गोल मार्केट निवासी रवि गुप्ता ने बताया कि उनके मकान में अब तक सीवर लाइन का कनेक्शन नहीं दिया गया। शिविर में कुल 68 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 55 हाउस टैक्स से संबंधित थीं और इनका मौके पर निस्तारण किया गया। शिविर में अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव, अरुण गुप्त और मुख्य कर निर्धारण अधिकारी विनय राय मौजूद रहे।

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