औरैया
जनपद में शनिवार देर रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा कई परिवारों के लिए दर्दनाक साबित हुआ। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार डंपर ने हाईवे पर खड़े दो कंबाइन मशीनों में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में एक अधेड़ व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी बाधित रहा।
मिली जानकारी के अनुसार, सतहड़ी गांव के पास शनिवार रात लगभग दो बजे दो कंबाइन मशीनें किसी तकनीकी खराबी के चलते हाईवे किनारे खड़ी थीं। बताया जा रहा है कि कंबाइन चालक और मजदूर मौके पर ही मौजूद थे और मशीनों को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहा एक तेज रफ्तार डंपर अनियंत्रित हो गया और सीधे कंबाइन में जा घुसा। टक्कर इतनी भीषण थी कि कंबाइन पर बैठे 60 वर्षीय सतनाम सिंह पुत्र वीर सिंह निवासी मीरपुर, थाना देवरिया, जिला पीलीभीत की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे में संपूर्ण सिंह (55), कारज सिंह (18), हरप्रीत सिंह (19), जय चौहान (18) और सुखविंदर सिंह (18) निवासीगण मीरपुर रतनपुर, थाना देवरिया कला, जिला पीलीभीत गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि डंपर अत्यधिक तेज गति में था और चालक ने सामने खड़े वाहनों को समय रहते नहीं देखा, जिससे यह हादसा हुआ।
इस दुर्घटना के बाद एक बार फिर एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और राहगीरों का कहना है कि हाईवे पर खड़े वाहनों के पीछे पर्याप्त संकेतक या रिफ्लेक्टर नहीं लगाए जाते, जिससे रात के समय ऐसे हादसों की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर सख्त निगरानी और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन गहरे सदमे में हैं और प्रशासन से आर्थिक सहायता व न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं, यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह लोगों की जान ले रही है।


