फर्रुखाबाद। यहां योजना में हाईवे के चौड़ीकरण के साथ जिले के सात पुलों को फोरलेन बनाने की कवायद चल रही है। पांचाल घाट व नेकपुर पुल के दोनों ओर आबादी होने और भूमि अधिग्रहण की संभावना से लोगों की धड़कनें तेज हो गईं हैं। पुल की तीन गुनी चौड़ाई बढ़ने से पास बने भवनों का जद में आना तय है।
इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कर 730सी फोरलेन बनाये जाने का मसौदा तय किया गया है। हाईवे पर आने वाले सात पुलों की चौड़ाई कम होने से जाम की समस्या को देखते हुए फोरलेन पुल बनाने की प्रक्रिया अपनाई जाने का विचार है। शहर में पांचाल घाट गंगा नदी का पुल और नेकपुर चौरासी रेलवे ओवरब्रिज के दोनों ओर आबादी है। 10 मीटर चौड़े दोनों पुलों को फोरलेन बनाकर 30 से 32 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इसके लिए भूमि का अधिग्रहण होगा। इससे पुल के पास बने भवनों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
पांचाल घाट गंगा पुल के पूरब की ओर हाईवे किनारे बिजली उपकेंद्र है। इससे पुल के पश्चिम की ओर नया पुल बनने की संभावना अधिक जताई जा रही है। हालांकि पुल के दक्षिणी तट पर हाईवे के दोनों ओर दुकानें व भवन होने से फोरलेन पुल निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में भवनों का चपेट में आना तय है।
यही हाल नेकपुर रेलवे ओवरब्रिज का है। पुल के एक ओर बाइक शोरूम तो दूसरी ओर दुकानें व मकान हैं। भूमि अधिग्रहण जिधर से भी किया जाए, भवनों का शामिल होना तय है। इसको लेकर भवन स्वामी खासे चिंतित हैं। वहीं पुलों का चौड़ीकरण होने से यातायात को रफ्तार मिलने से लोगों में खुशी भी है। पांचाल घाट गंगा नदी पुल की लंबाई 640 मीटर व नेकपुर चौरासी रेलवे ओवर ब्रिज की लंबाई 49 मीटर निर्धारित है।
डीपीआर में तय होगा स्थान
परियोजना निदेशक एनएचएआई ने बताया कि फोरलेन पुल निर्माण के लिए सर्वे प्रक्रिया चल रही है। कम बजट, अधिक सुविधा और लोगों के कम से कम नुकसान आदि मानकों को ध्यान में रखकर डीपीआर तैयार की जाएगी। उसी के आधार पर पुल का स्थान और भूमि अधिग्रहण तय होगा। अधिग्रहीत भूमि का नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।





