लखनऊ। गोमती रिवर बैंक क्षेत्र में लंबे समय से बनी ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर व न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने स्कूलों के प्रिंसिपल और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया है।
खंडपीठ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी तलब किए गए अधिकारी और स्कूल प्रबंधन के प्रतिनिधि व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर यह बताएं कि गोमती रिवर बैंक क्षेत्र में लगने वाले ट्रैफिक जाम को रोकने और आम जनता को राहत देने के लिए अब तक क्या ठोस उपाय किए गए हैं। कोर्ट ने माना कि स्कूल खुलने और छुट्टी के समय सड़कों पर भारी जाम लगना रोजमर्रा की समस्या बन चुका है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ एंबुलेंस, आपात सेवाओं और आम राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि जाम की समस्या के समाधान के लिए संतोषजनक कदम सामने नहीं आए तो सख्त निर्देश जारी किए जा सकते हैं। कोर्ट का कहना है कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन की भी जिम्मेदारी है।
गौरतलब है कि गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स ने जनहित याचिका में आरोप लगाया था कि क्षेत्र में संचालित कई स्कूलों के कारण सड़क पर अव्यवस्था बनी रहती है और ट्रैफिक जाम से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब क्षेत्र में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने को लेकर प्रशासन और स्कूल प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है।






